बरेली: आजम नगर में ताजिया जुलूस की राह में तमाम रोड़े, तारों का जाल, मस्जिद के सामने गंदी नालियां बनी जंजाल

बरेली, अमृत विचार। इस्लाम धर्म के नए साल की शुरुआत हो चुकी है। मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से पहला महीना है। इस महीने में मुसलमान खास तौर पर शिया मुसलमान पैगंबर मोहम्मद की नवासे की शहादत का गम मनाते हैं. जिसके चलते जगह जगह ताजियों का जुलूस निकला जाता है। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द …
बरेली, अमृत विचार। इस्लाम धर्म के नए साल की शुरुआत हो चुकी है। मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से पहला महीना है। इस महीने में मुसलमान खास तौर पर शिया मुसलमान पैगंबर मोहम्मद की नवासे की शहादत का गम मनाते हैं. जिसके चलते जगह जगह ताजियों का जुलूस निकला जाता है।
समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बना रहे और जनता को किसी तरह की कोई असुविधा ना हो इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसरों के साथ ही थाने व कोतवाली पर सम्भ्रान्त व्यक्तियों, सभी धर्मों के धर्मगुरुओं, ताजियादारों एवं जलूस के आयोजकों के साथ पीस कमेटी की बैठक भी आयोजित कर शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील की जाती है।
वहीं, साल बदले, नेता बदले और बदल गए अफसर, लेकिन बरेली के आजम नगर के मुस्लिम समुदाय के लोगों की समस्या का हल अब तक ना हो सका। मस्जिद के बाहर नालियों का बजबजना हो या खंभों पर लटके बिजली और ब्रॉडबैंड के तारों का जाल … इन सभी समस्याओं से यहां के लोग परेशान हैं।

मुहर्रम के महीने में यहां से ताजिया (तखत) उठाया जाता है, जिसकी लंबाई करीब 15 फीट से ऊपर होती है, संकरी गलियों से होकर ताजिया को निकालना, सैंकड़ों की तादाद में ताजियादारों का साथ चलना और तंग गलियों में मस्जिद के सामने गंदी नालियों का पड़ना इनके लिए परेशानी का सबब बन चुका है। तखत का ये जुलूस शहर के कई रास्तों से होकर गुजरता है ऐसे में संबंधित विभाग व उसके अधिकारी समस्या से वाकिफ होते हुए भी आंख, कान बंद किए रहते हैं, जिसका खामियाजा ताजियादारों को उठाना पड़ता है।
आजम नगर में तखत बनाने वाले नसीम अहमद का कहना है कि यहां से करीब 80 सालों से तखत का जुलूस निकलता है। यहां के लोगों की कई समस्याएं हैं। मसलन, बिजली के खंभों पर तारों लटकना, मस्जिद के सामने व अन्य जगह गंदी नालियों की सफाई ना होना, सफाई कर्मचारियों का नियमति ना आना आदि।

जिसके चलते मुहर्रम के महीने में तखत को बनाने व जुलूस निकालने में खासा दिक्कत आती है। कोतवाली में भी कई बार पुलिस व संबंधित अधिकारियों के साथ इस बाबत बैठक व चर्चा हुई, कई बार लिखित शिकायत दर्ज की गई। लेकिन, हर साल सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। कभी कभी संबंधित विभाग के कर्मचारी आकर मौका मुआयना भी करके जाते हैं। लेकिन, फिर अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
यहां के निवासियों की नगर निगम व विद्युत् विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों से यही अपील है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए, जिससे मुहर्रम में ताजियादारों को परेशानी ना उठानी पड़े। हालांकि, इस दौरान नसीम अहमद ने कहा कि वह मुहर्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं।
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