नैनीताल: ऊर्जा निगम ने नगरपालिका पर 3 करोड़ से अधिक की बकायेदारी बताते हुए स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काटे

नैनीताल, अमृत विचार। ऊर्जा निगम के नैनीताल शहर की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने के बाद अब नगर पालिका भी एक्शन मूड में आ गई है। जहां ऊर्जा निगम ने नगरपालिका पर 3 करोड़ से अधिक की बकायेदारी बताते हुए स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए थे। वहीं, अब जवाब में पालिका ने भी निगम …
नैनीताल, अमृत विचार। ऊर्जा निगम के नैनीताल शहर की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने के बाद अब नगर पालिका भी एक्शन मूड में आ गई है। जहां ऊर्जा निगम ने नगरपालिका पर 3 करोड़ से अधिक की बकायेदारी बताते हुए स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए थे। वहीं, अब जवाब में पालिका ने भी निगम पर 25 करोड़ की देनदारी का दावा ठोका है। साथ ही ये भी चेतावनी दी है कि अगर निगम ने जल्द पालिका को देनदारी नहीं वापस की तो ऊर्जा निगम कार्यालय में तालाबंदी कर दी जाएगी।
शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि ऊर्जा निगम के द्वारा शहर के 13 वार्डों के 41 स्थानों पर लगाए गए ट्रांसफार्मर का सर्किल दरों के आधार पर किराया आज तक जमा नहीं कराया गया है। निगम ने नगर पालिका को 25 करोड़ 20 लाख 99 हजार 375 का भुगतान करना है। बताया कि निगम ने 1997 के बाद से आज तक किराया जमा नहीं किया है। पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने ये भी ऐलान किया कि अगर ऊर्जा निगम के द्वारा एक सप्ताह के भीतर पालिका को उक्त राशि का भुगतान नहीं किया गया तो ऊर्जा निगम के कार्यालय में तालाबंदी कर दी जाएगी।
मालूम हो कि नैनीताल में ऊर्जा निगम ने स्ट्रीट लाइट का बिल जमा न करने के कारण 23 मार्च को स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए थे, जिसके बाद से शाम के समय शहर की सड़कों पर अंधेरा छाया रहता।
इसके बाद अब पालिका अध्यक्ष के द्वारा आकस्मिक बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया है। जिसमें पालिका द्वारा ऊर्जा निगम को 25 करोड़ रुपए जमा करने का नोटिस जारी किया गया। साथ ही नगर पालिका की आय का मुख्य स्रोत कहे जाने वाले लेक ब्रिज चुंगी व पार्किंग के टेंडर को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। जानकारी देते हुए पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि बोर्ड बैठक में पार्किंग व चुंगी के टेंडर प्रक्रिया को 20 प्रतिशत बढ़ाकर एक साल के लिए आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
नगर पालिका ने आज तक ऊर्जा निगम को किराये से सम्बन्धित कोई बिल या नोटिस नहीं भेजा। जबकि निगम ने पालिका द्वारा बिजली का बिल भुगतान न करने पर नियमों के तहत कार्रवाई की है।
पालिका को स्पष्ट करना चाहिए कि किस नियम के तहत किराया मांगा जा रहा है। उसके बाद शासन स्तर पर बिल का भुगतान करने की कवायद की जाएगी।
नितिन गरखाल, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम नैनीताल