मुरादाबाद : साइबर ठगी की रिपोर्ट दो साल बाद दर्ज, पीड़ित ने कहा- थैंक्यू

मुरादाबाद : साइबर ठगी की रिपोर्ट दो साल बाद दर्ज, पीड़ित ने कहा- थैंक्यू

मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। अपराधों को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है इसका एक नमूना गुरुवार को वादी दिवस में देखने को मिला। साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ित दो साल तक थाने-चौकी के चक्कर काटता रहा। मगर कार्रवाई नहीं हुई। भगतपुर पुलिस ने कप्तान के आदेश को भी दरकिनार कर दिया। मगर पीड़ित ने …

मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। अपराधों को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है इसका एक नमूना गुरुवार को वादी दिवस में देखने को मिला। साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़ित दो साल तक थाने-चौकी के चक्कर काटता रहा। मगर कार्रवाई नहीं हुई। भगतपुर पुलिस ने कप्तान के आदेश को भी दरकिनार कर दिया। मगर पीड़ित ने भी हिम्मत नहीं हारी।

पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी हेमंत कुटियाल ने कार्रवाई का आदेश दिया। तब भगतपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। पीड़ित ने वादी दिवस अधिकारी के नाम एक धन्यवाद पत्र देकर उन निरीक्षक और उपनिरीक्षकों को उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की है, जिन्होंने घटना के दिन से मुकदमा दर्ज होने की अवधि में अहम भूमिका निभाई।

मामला भगतपुर थाना के गांव बहेड़ी रोशनपुर से जुड़ा है। यहां रहने वाले शाकिर अली ने बताया कि 18 फरवरी को साइबर ठगों ने उनसे 49 हजार 997 रुपये ठग लिए थे। उनका पेटीएम ब्लॉक हो गया था। तब उनके पास फोन आया। दूसरी ओर से बोलने वाले ने खुद को केवाईसी कार्यालय का कर्मी बताया। 18 फरवरी 2020 को फिर से फोन आया। इसमें पेटीएम एकाउंट चालू कराने के लिए एटीएम कार्ड नंबर डालकर भेजे गए लिंक को एक्सेप्ट करने को कहा गया। तब शाकिर अली ने केनरा बैंक के एकाउंट के एटीएम का नंबर डालकर लिंक एक्सेप्ट कर लिया।

इसके बाद तत्काल आरोपी ने फोन करके बताया कि इस खाते से पेटीएम संचालित नहीं होगा, किसी दूसरे खाते से संचालित एटीएम का नंबर डालकर लिंक एक्सेप्ट करें। उसके जाल में फंसे शाकिर अली ने अपनी पत्नी रहेमीन जहां के संयुक्त खाते का एटीएम कार्ड नंबर डालकर लिंक एक्सेप्ट कर लिया। इसके बाद साइबर ठग ने तीन बार में 49 हजार 997 रुपये ठग लिए। तभी से शाकिर अली थाने और चौकी के चक्कर काट रहे थे। तब उन्होंने एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया था। तत्कालीन एसएसपी ने एक सप्ताह में आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश पुलिस को दिया था मगर भगतपुर पुलिस ने कप्तान के आदेश को भी नहीं माना। परिणामस्वरूप उनका मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। तब उन्होंने एक बार फिर एसएसपी से गुहार लगाई।

एसएसपी हेमंत कुटियाल के आदेश पर भगतपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा। दो साल बाद साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज होने से शाकिर बेहद खुश हैं। उन्होंने गुरुवार को वादी दिवस में भगतपुर थाने के वादी दिवस अधिकारी के नाम एक धन्यवाद पत्र लिखा। इसमें उन्होंने भगतपुर पुलिस की इस अत्यंत विचारणीय और प्रभावशाली कार्यशैली पर तंज कसते हुए घटना के दिन से मुकदमा दर्ज होने तक इस मामले से जुडे़ इंस्पेक्टर और दरोगाओं को उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की है।

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