बुलंदशहर: बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले रेपिस्ट को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

बुलंदशहर। बुलंदशहर में पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार को 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी छत्तरपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि आरोपी छत्तरपाल ने बीते 8 माह पहले एक बच्ची से रेप किया फिर उसे मारने का भी प्रयास किया था। इस घटना के बाद से रेप पीड़िता बच्ची …
बुलंदशहर। बुलंदशहर में पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार को 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी छत्तरपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि आरोपी छत्तरपाल ने बीते 8 माह पहले एक बच्ची से रेप किया फिर उसे मारने का भी प्रयास किया था। इस घटना के बाद से रेप पीड़िता बच्ची अपाहिज की जिंदगी काट रही है।
बच्ची ने दोनों पैरों से ठीक तरह से चल सकती है और न ही ठीक से बोल सकती है। मामले में कोर्ट ने आरोपी छत्तरपाल को सजा सुनाते हुये कहा है कि अंतिम सांस तक दोषी को जेल की सलाखों में रखा जाए। कोर्ट का यह फैसला सिर्फ आठ महीने के अंदर आया है।
पॉक्सो कोर्ट की विशेष न्यायाधीश डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने अपने निर्णय सुनाते हुये कहा, ‘अभियुक्त के दुस्साहस की कोई सीमा नहीं है। अभियुक्त ने पीड़िता के घर के अंदर ही उसके साथ बर्बरता की है। इस प्रकार पीड़िता अपने घर में भी सुरक्षित नहीं थी। जहां भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है, वहीं बालिकाओं के साथ इस प्रकार की वारदात समाज को झकझोरने वाली है।’
इसके साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए एक श्लोक पढ़ा- ‘नारी अस्य समाजस्य कुशल वास्तुकारा अस्ति’। ‘अर्थात स्त्री समाज को गढ़ने वाली कुशल वास्तुकार है। लेकिन इस प्रकार की विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति उस वास्तुकार को ही अक्षम बना देते हैं। अभियुक्त के कृत्य से पीड़िता चलने, फिरने और बोलने में अक्षम हो गई है। अपनी बेटी की इस स्थिति को देखकर शायद ही उसके माता-पिता कभी सामान्य जीवन जी सकें।’
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