बरेली: वेतन रुकने पर स्पष्टीकरण में डीएफओ का छलका दर्द

बरेली, अमृत विचार। कर करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर वेतन रुकने पर प्रभागीय वनाधिकारी भारत लाल ने जिलाधिकारी को लिखित स्पष्टीकरण भेजा है। जिसमें उनका प्रभाग के कामकाज के दबाव का दर्द छलका है। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में डीएफओ ने कहा कि वन एवं वन्यजीव प्रभाग बरेली में उप प्रभागीय …
बरेली, अमृत विचार। कर करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर वेतन रुकने पर प्रभागीय वनाधिकारी भारत लाल ने जिलाधिकारी को लिखित स्पष्टीकरण भेजा है। जिसमें उनका प्रभाग के कामकाज के दबाव का दर्द छलका है।
जिलाधिकारी को भेजे पत्र में डीएफओ ने कहा कि वन एवं वन्यजीव प्रभाग बरेली में उप प्रभागीय वनाधिकारी के तीन पद स्वीकृत हैं। एक भी पद पर नियुक्ति नहीं है। 14 क्षेत्रीय वनाधिकारी के पद हैं। इनके सापेक्ष पांच ही तैनात हैं। इस परिस्थितियों में प्रभाग की संपूर्ण डाक का निस्तारण, फील्ड में कार्यों का निरीक्षण और बैठकों में प्रतिभाग मेरे ही द्वारा किया जाता है। ऐसे में प्रत्येक बैठक मेरे स्तर से प्रतिभाग किए जाने से प्रभाग के कार्य प्रतिकूल दिशा में प्रभावित होते हैं।
इस कारण बैठक में क्षेत्रीय वनाधिकारी को प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया गया है। 12 जुलाई की शाम करीब 4 बजे से बैठक आयोजित की गयी थी। मेरी जानकारी में था कि बैठक अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ले रहे हैं। जिस कारण वह बैठक में उपस्थित न होकर क्षेत्रीय वनाधिकारी को प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया था।
डीएफओ ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि फतेहगंज पूर्वी में सर्विस रोड बनाने को लेकर एनएचएआई से संबंधित भूमि हस्तांतरण करने के मामले में आपके द्वारा निर्देशित किया गया था। निर्देश के क्रम में बैठक वाले दिन वह एनएचएआई के अधिकारियों को बुलाकर सर्विस रोड के प्रस्ताव के संबंध में वार्ता कर रहे थे।
इस कारण वह कर करेत्तर की बैठक में स्वयं उपस्थित न होकर क्षेत्रीय वनाधिकारी को बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए थे। भविष्य में ध्यान रखने की बात कहते हुए कहा कि वह (डीएम) किसी भी बैठक में उपस्थित होते हैं तो मै स्वयं बैठक में प्रतिभाग करूंगा। उपरोक्त परिस्थितियों का हवाला देते हुए डीएफओ ने डीएम से वेतन अवमुक्त करने की अपील की।