बरेली: गंगा और नर्मदा की तरह और कॉलोनियां विकसित करेगा बीडीए

बरेली: गंगा और नर्मदा की तरह और कॉलोनियां विकसित करेगा बीडीए

बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगानगर आवासीय योजना में विकसित की जा रहीं गेट बंद आधुनिक गंगा और नर्मदा कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वालों की दिलचस्पी देखने के बाद अब वहां इस तरह की कुछ और कॉलोनियों को भी विकसित करने की योजना पर बीडीए काम कर रहा है। बुधवार को बीडीए …

बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगानगर आवासीय योजना में विकसित की जा रहीं गेट बंद आधुनिक गंगा और नर्मदा कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वालों की दिलचस्पी देखने के बाद अब वहां इस तरह की कुछ और कॉलोनियों को भी विकसित करने की योजना पर बीडीए काम कर रहा है। बुधवार को बीडीए की इन दोनों ही कॉलोनियों में प्लॉटों के आवंटन लॉटरी के माध्यम से हुए। इन भूखंडों की बिक्री से बीडीए को 140 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है।

करीब डेढ़ दशक से बीडीए की रामगंगानगर आवासीय परियोजना ठप पड़ी है। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने इस परियोजना को विकसित करने के लिए यहां करोड़ों रुपये से सड़क, सीवर आदि के काम कराए। अभी कुछ समय पहले बीडीए ने सेक्टर दो और तीन में गंगा और नर्मदा इन दो नामों से आधुनिक कॉलोनियों को विकसित करने की योजना बनाई थी। गेट बंद इस कॉलोनी में सीवर, सड़क, सीसीटीवी कैमरे लगाने सहित सुरक्षा के कई इंतजाम किए थे।

इन दोनों ही कॉलोनियों में प्लॉटों की खरीद को लेकर आवंटियों में काफी मांग रही। इन दोनों कॉलोनियों के लगभग 500 भूखंडों का आवंटन 23,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किया गया। इन भूखंडों के आवंटन के लिए बुधवार को बीडीए कार्यालय में लॉटरी ड्रा किया गया। बीडीए अब जुलाई में रामगंगा नगर आवासीय योजना में कावेरी, सरस्वती एवं साबरमती नाम से पंजीकरण खोला जाना प्रस्तावित है।