हल्द्वानी: कोविड रिपोर्ट निगेटिव, लेकिन सौ से ज्यादा मरीजों की हालत नाजुक
अमृत विचार, हल्द्वानी। कोराना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अभी भी पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। हालांकि संक्रमण से ठीक हो रहे मरीजों की गिनती निश्चित रुप से कम हो रही है। कोरोना से ठीक होने के कई दिनों के बाद भी भर्ती मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉ. सुशीला तिवारी …
अमृत विचार, हल्द्वानी। कोराना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अभी भी पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। हालांकि संक्रमण से ठीक हो रहे मरीजों की गिनती निश्चित रुप से कम हो रही है। कोरोना से ठीक होने के कई दिनों के बाद भी भर्ती मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।
डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में अभी भी सौ से ज्यादा कोरोना से ठीक हुए मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जबकि लगभग 225 कोरोना के भर्ती मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
दमा, अस्थमा, टीबी, ब्रोंकाइटिस के मरीजों को ऑक्सीजन की जरुरत
कोरोना संक्रमण की चपेट से बाहर आने के बाद भी श्वांस रोगी, अस्थमा, टीबी, ब्रोंकाइटिस के मरीजों की स्थिती नाजुक बनी हुई है। इनको लगातार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रख कर उपचार किया जा रहा है। पोस्ट कोविड मरीजों को आक्सीजन सिलिंडर के जरिए सांस मुहैया कराई जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक उक्त बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण के दौरान फेफड़े सिकुड़ जाते हैं। जिस कारण मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है।
इन बीमारियों के अलावा सबसे ज्यादा निमोनिया पीड़ित मरीजों को रिकवर होने में समय लगता है। पूर्व में अन्य बीमारियों के साथ ही कोरोना का संक्रमण ऐसे मरीजों के लिए खतरे का कारण साबित होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मरीजों की स्थिती में तेजी से सुधार हो रहा है। मरीजों की स्थिती गंभीर बनी हुई है लेकिन सभी मरीज कोरोना संक्रमण के खतरे से बाहर हैं। इन मरीजों का समय समय पर ईसीजी, ब्लड टेस्ट, एक्सरे आदि अनेक जांच कराई जा रही है।
वर्तमान में भर्ती मरीजों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा था, फिलहाल सभी की रिपोर्ट निगेटिव है । इसके अलावा मरीजों की अन्य बीमारियों का उपचार किया जा रहा है। सभी की स्थिती स्थिर बनी हुई है और खतरे से बाहर है। डॉ. अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच