लखनऊ: रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के लिए एक्टिव हैं कई गैंग

लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी समेत प्रदेश भर के जिलों में कोरोना से बचाव के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ अन्य दवाओं कालाबाजारी के लिए गिरोह सक्रिय हैं। इन गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया है। इस संबंध में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पकड़े गये 15 दलालों से पुलिस को कई …
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी समेत प्रदेश भर के जिलों में कोरोना से बचाव के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ अन्य दवाओं कालाबाजारी के लिए गिरोह सक्रिय हैं। इन गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया है। इस संबंध में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पकड़े गये 15 दलालों से पुलिस को कई राज भी मिले हैं।
पुलिस को जानकारी मिली है कि निजी अस्पतालों के संपर्क में रहकर इंजेक्शन व अन्य दवाओं की कालाबाजारी आसानी से की जा सकती है। ऐसे में पुलिस टीम के लोग सादे कपड़ों में भी अस्पतालों के आस-पास सक्रिय हैं। पकड़े गये गिरोह के लोगों के तार लखनऊ के साथ-साथ कानपुर और गौतमबुद्धनगर से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि प्रदेश के कुछ डॉक्टर्स के साथ ही मेडिकल स्टॉफ और दवा के विक्रेता रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ अन्य दवाओं की कालाबाजारी या फिर नकली दवा बनाने में लगे हैं।
बता दें कि कि लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के स्टाफ के साथ ही लारी कॉर्डिलियोजी व क्वीनमेरी अस्पताल के कर्मियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस और एक्टिव हो गयी है। पुलिस महकमे के अधिकारी बताते हैं उन्हें अंदाजा नहीं था कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान के लोग कोरोना संक्रमण के दौर में इस तरह का काम कर सकते हैं।
आरोपियों पर लगेगा रासुका
इस संबंध में पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक जिन आरोपियों को पकड़ा गया है, उन्हें जेल भेज गया है। जांच जारी है, जैसे-जैसे गिरोह के कनेक्शन सामने आयेंगे धराएं बढ़ायी जायेंगी। साथ-साथ आरोपियों पर रासुका भी लगाया जायेगा।
एसटीएफ की टीम भी हुई सक्रिय
बाजार में इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए एसटीएफ की भी टीम सक्रिय हो गई है। टीमों की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि जहां भी दलाल सक्रिय हैं उन्हें पकड़ा जाये और सलाखों के पीछे भेजा जाये।
दिल्ली एनसीआर से भी दलालों के संपर्क
पुलिस ने कुछ नंबरों को सर्विलांस पर भी लिया है। ऐसे में जानकारी मिल रही है कि इंजेक्शन और दवाओं की सप्लाई के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये दलाल मेरठ से लेकर नोएडा और दिल्ली एनसीआर तक सक्रिय हैं। प्रयागराज के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज के कर्मी इंजेक्शन ब्लैक में बेचने का मामला संज्ञान में आया है। वहीं मेरठ के मेडिकल कॉलेज इस बात की जानकारी पुलिस को मिली है।
आक्सीजन गैस की कालाबाजारी करते एक गिरफ्तार
राजधानी में आक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी भी जारी है। पुलिस ने ऐसे ही एक व्यक्ति को पकड़ा है। कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में पकड़े गये आरोपी के पास पुलिस ने 54 सिलेंडर भी बरामद कर लिए हैं। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि कृष्णा नगर थाने की टीम को ये सफलता मिली है। सूचना मिली थी कि विराटनगर निकट पकरी पुल के पास प्रोपराइट कौशल कुमार कटियार पुत्र रोहिताश कटियार 54 आक्सीजन सिलेंडर को लेकर महंगे दामों मे बेचने के लिए जा रहा है। इस बीच पुलिस टीम ने मौके पर जाकर मय सिलेंडर के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में पुलिस टीम को 20 हजार रूपए की नगद राशि के साथ सम्मानित किया जायेगा।
“पुलिस पूरी सक्रियता से जुटी है। पकड़े गये दलालों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। हमने सभी थानों की पुलिस को भी निर्देश जारी किए हैं कि ऐसे दलालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें।” -डीके ठाकुर, लखनऊ पुलिस कमिश्नर