लखनऊ: बिना आईटीआई के ही लेसा में रखे जा रहे कर्मचारी, जान जोखिम में डालकर लाइन को करते हैं दुरुस्त

लखनऊ: बिना आईटीआई के ही लेसा में रखे जा रहे कर्मचारी, जान जोखिम में डालकर लाइन को करते हैं दुरुस्त

अमित सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के मध्यांचल डिस्काम के लेसा में मैन पॉवर सप्लाई कंपनियों और अभियंताओं की मनमानी चरम पर है। लेसा के कई ऐसे खंड हैं, जहां पर कंपनी के कर्मचारियों और अभियंताओं की मिलीभगत से बिना आईटीआई के ही निविदा कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इतना ही नहीं, …

अमित सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के मध्यांचल डिस्काम के लेसा में मैन पॉवर सप्लाई कंपनियों और अभियंताओं की मनमानी चरम पर है। लेसा के कई ऐसे खंड हैं, जहां पर कंपनी के कर्मचारियों और अभियंताओं की मिलीभगत से बिना आईटीआई के ही निविदा कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है। इतना ही नहीं, नॉन आईटीआई तो छोड़िये कुछ जगहों पर तो नाबालिग लड़कों की नियुक्ति कर दी जाती है।

इन कर्मचारियों की तैनाती हवा-हवाई नहीं बल्कि कंपनी और अधिकारियों की पूरी जांच पड़ताल यानि की दस्तावेजों के साथ की जाती है। जिसमे दोनों की ही जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। वहीं सवाल खड़े हो रहे हैं कि नॉन आईटीआई, और नाबालिग निविदा कर्मी के साथ किसी भी तरह की अन्होनी हो जाए तो किसकी जिम्मेदारी होगी। उस दौरान तो देखा जाता है कि अधिकारी और कंपनी दोनों ही पल्ला झाड़कर किनारे हो जाते हैं।

ऐशबाग डिवीजन में मामले आए सामने

लेसा के ऐशबाग डिवीजन में नान आईटीआई और नाबालिग कर्मचारियों की की तैनाती के मामले सामने आए हैं। यहां पर प्राइम वन कंपनी द्वारा नान आईटीआई सागर और अजय की तैनाती कर दी गई है। मीडिया में इस बात की जानकारी होने के बाद से खंडीय स्तर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कारण है कि इन कर्मचारियों की जानकारी के बाद ही इन दोनों लड़कों की नियुक्ति की गई है।

वहीं सूत्रों के अनुसार जांच करने पर करीब 50 फीसदी संविदा कर्मी ऐसे मिल जाएंगे, जो कि बिना आईटीआई के ही तैनाती हो गए हैं। निविदा कर्मचारी संघ के मजदूर नेताओं ने बताया कि लेसा ही नहीं पॉवर कार्पोरेशन के सभी डिस्कामों में बड़े स्तर पर बिना आईटीआई पास ही लड़कों को रख लिया जाता है। तैनाती के दौरान जब दबाव बनता है कि फर्जी तरीके से प्रमाणपत्रों को बनाकर पेश कर दिया जाता है। इतना ही नहीं लड़कों की नियुक्ति के दौरान कंपनी और अधिकारियों द्वारा मोटी कमीशन भी वसूली की जाती है।

जान जोखिम में डालकर लाइन को करते हैं दुरुस्त
उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के सभी डिस्कामों में कुछ ऐसे मामले देखने को मिल जाते हैं, जिसमे संविदा कर्मी जान को जोखिम में डालकर काम करते हुए नजर आ जाएंगे। शुक्रवार को सेस एक के बंथरा से कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आई, जहां पर संविदा कर्मी जान को जोखिम में डालकर बिना सुरक्षा उपकरणों के ही लाइन को दुरस्त कर रहा था। फोटो सोशल मीडिया में आने के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने मौके पर पहुंच, संविदा कर्मी को खंभे से उतारकर हिदायत दी।

बिना आईटीआई के किसी को भी नहीं रखा जाएगा। मामला सामने आया है जांच कराके, दोषियों पर कार्रवाई होगी। – मधुकर वर्मा, मुख्य अभियंता सीस गोमती