त्रिलोकपुर: कैदियों द्वारा गोशालाओं में की जा रही सेवा का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी

त्रिलोकपुर। मुख्यमंत्री द्वारा गोसेवा के प्रति शुरू की गई महत्वकांक्षी योजना के क्रम में गोशालाओ में कैदियो द्वारा की जाने वाली सेवा की योजना के निरीक्षण के वास्ते मंगलवार को जहांगीराबाद स्थित चक गजरिया निबलेट फार्म हाउस का डी.आई.जी. कारागार मुख्यालय कानपुर परिक्षेत्र बी.पी.त्रिपाठी ने जायजा लिया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए …
त्रिलोकपुर। मुख्यमंत्री द्वारा गोसेवा के प्रति शुरू की गई महत्वकांक्षी योजना के क्रम में गोशालाओ में कैदियो द्वारा की जाने वाली सेवा की योजना के निरीक्षण के वास्ते मंगलवार को जहांगीराबाद स्थित चक गजरिया निबलेट फार्म हाउस का डी.आई.जी. कारागार मुख्यालय कानपुर परिक्षेत्र बी.पी.त्रिपाठी ने जायजा लिया।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी ने बताया कि सूबे में चार जिले बाराबंकी लखीमपुर फरुखाबाद उरई पायलेट योजना के तहत चयनित किये गये है। योजनांतर्गत इन जिलों की चिन्हित गोशालाओं में गोसेवा के लिए करीब चार सौ कैदियो को काम पर लगाया जाएगा जो सुबह आएंगे और शाम को जेल रवाना किये जायेंगे।
कैदी बनेगे स्वावलंबी
डीआईजी ने बताया कि प्रथम चरण में करीब 400 ऐसे कैदी जिनका आपराधिक इतिहास गहरा नही है किसी की गलती से सजा काट रहे है या जिनका रिकार्ड बेदाग है । ऐसे लोगो को चिन्हित किया जा रहा है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोसेवा कराई जाएगी। बताया कि वर्तमान में मजदूरों की काफी कमी आ गयी है। ऐसी हालत से निपटने के लिए कैदी मील का पत्थर साबित होंगे साथ ही उनका भविष्य भी चमकेगा ।
सुरक्षा की चिंता नही
डीआईजी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जेल से लाने ले जाने और गोशालाओं में काम कराने के दौरान सुरक्षा की रूप रेखा तैयार की जा रही है। साफ सुथरे कैदियो को वरीयता दी जा रही है। बताया कि नेबलत फार्म स्थित गोशाला और चकगजरिया दोनों स्थानों को योजना में जोड़ा जाएगा। इस मौके पर जेल अधीक्षक हरीबक्श सिंह के साथ दोनों स्थानों पर हरा चारा और गुड़ खिलाया।