Sleepmaxxing का नया ट्रेंड, बढ़ा रहा परफेक्ट स्लीप का स्ट्रेस

Sleepmaxxing का नया ट्रेंड, बढ़ा रहा परफेक्ट स्लीप का स्ट्रेस

अमृत विचार। आजकल 8 घंटे की नींद लें पाना लोगों के लिए बहुत मुश्किल हो गया हैं तो लोगों ने इसके लिए नए तरीके को खोजना शुरू कर दिया हैं। परफेक्ट नींद के लिए तरह-तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का चलन काफी बढ़ गया। लोग इससे अपनी स्लीप ट्रैकिंग और स्पेशल डाइट को फॉलो भी कर रहे हैं। अगर आप भी उन्ही लोगों में से एक हैं। तो आप भी Sleepmaxxing Trend की ओर बढ़ रहे हैं। 

अब ये सवाल उठता हैं कि ये ट्रेंड हमारी हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं कि नहीं। इससे परफेक्ट नींद के चक्कर में अब लोगों में इसका भी स्ट्रेस होने लगा हैं। लोग बिना वजह ही इससे ट्रेस लेने लगे हैं।  

Sleepmaxxing एक ऐसा ट्रेंड जिसे फॉलो करकें लोग बेस्ट और परफेक्ट नींद के लिए हर तरह कि कोशिश कर रहे हैं। यह 7 से 8 घंटो के लिये ही सिमित नहीं हैं बल्कि इसे स्लीप ट्रैकिंग, बायोहैकिंग, खास तरह कि डाइट, महगें गद्दे, ब्लू लाइट ब्लॉकिंग चश्मे और भी बहुत से कई तरह के इलेक्टॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर अपनी नींद को और बेहतर कर रहे हैं। 

-इस ट्रेंड का मकसद सिर्फ सोना नहीं बल्कि पूरी नींद के साथ ही इसका असली मकसद। 

-इलेक्ट्रिक उपकरणों के माध्यम से (Sleep Gadgets, Diet and Sleeping Positions) लोग अपनी नींद कि गुडवत्ता को     सुधारने में लगे है।  

-सोशल मीडिया पर लोग अपनी Sleepmaxxing स्टोरी को शेयर कर रहे हैं। 

इसकी पीछे एक तरह का साइकोलॉजिकल फैक्टर काम कर रहा हैं, जिसे Optimization कल्चर कहते हैं। आज की युवा पीढ़ी अपने काम के साथ अपने जीवन के हर दिन को बेस्ट बनाना चाहती हैं। फिर चाहे वो फिटनेस हो या फिर मेंटल हेल्थ। 

-लोग अपने जीवन को और बेहतर और प्रोडक्टिव बनाना चाहते हैं और एक अछि नींद लेना इसमें शामिल हैं। 

-सोशल मीडिया पर बढ़ते ट्रेंड से भी इसका फैलाव देखने को मिल रहा हैं 

-बिजी लाइफ में नींद की कमी से भी लोग जूझ रहे हैं जिससे लोग इससे एक इन्वेस्टमेंट की तरह भी देख रहे हैं। 

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