NREGA से जुड़े मुख्य नियम और शर्तें, जानिये कैसे और किसे मिलता है गारंटीड रोजगार
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NREGA Yojana (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, जिसे अब MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार की एक पहल है जो ग्रामीण इलाकों के निवासियों को कम से कम 100 दिनों की गारंटीड रोजगार प्रदान करने का प्रयास करती है। यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण इलाकों में अधिक प्रभावी है जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं और आर्थिक विकास की गति धीमी है। इसका उद्देश्य गरीबी को कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना है।
NREGA से जुड़े मुख्य नियम
पात्रता: NREGA Yojana में काम पाने के लिए व्यक्ति का एक ग्रामीण परिवार का सदस्य होना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए, व्यक्ति को स्थानीय ग्राम पंचायत में आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदन कर्ता के लिए NREGA Job Card जारी किया जाता है। इस कार्ड के जरिए ही व्यक्ति नरेगा योजना के तहत उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकता है।
काम की गारंटी: रजिस्टर्ड व्यक्ति को साल में कम से कम 100 दिनों के लिए रोजगार देने की गारंटी दी जाती है। यदि सरकार इस अवधि में काम नहीं उपलब्ध करा पाती है, तो व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता उनकी आर्थिक सहायता के लिए है ताकि वे रोजगार की प्रतीक्षा करते हुए अपने जीवन-यापन को सुनिश्चित कर सकें।
मजदूरी का भुगतान: मजदूरी का भुगतान समय पर और सीधे व्यक्ति के बैंक खाते में किया जाना चाहिए। भुगतान में देरी पर व्यक्ति क्षतिपूर्ति का अधिकारी होता है। यह सुनिश्चित करता है कि श्रमिकों को उनकी कड़ी मेहनत का उचित और तत्काल भुगतान मिले।
NREGA से जुड़ी शर्तें
काम की दूरी: काम का स्थल आवेदक के निवास से 5 किलोमीटर के भीतर होना चाहिए। यदि काम का स्थल इससे अधिक दूरी पर है, तो अतिरिक्त मजदूरी और परिवहन भत्ता दिया जाता है। इससे सुनिश्चित होता है कि श्रमिकों को अधिक यात्रा करने का वित्तीय बोझ न पड़े।
महिलाओं के लिए आरक्षण: इस योजना में महिलाओं के लिए कम से कम 33% रोजगार सुनिश्चित किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार हो। यह न केवल उन्हें वित्तीय आत्मनिर्भरता प्रदान करता है बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूत करता है।
आवेदन की प्रक्रिया: जॉब कार्ड के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के अंदर काम उपलब्ध कराना होता है। अन्यथा, आवेदक को बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। यह प्रक्रिया ग्रामीण श्रमिकों को तत्काल रोजगार प्राप्त करने में सहायता प्रदान करती है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देती है।
निष्कर्ष
NREGA Yojana भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन करना और गरीबी को कम करना है। इस योजना के माध्यम से, ग्रामीण आबादी को न केवल आजीविका मिलती है, बल्कि इसके चलते ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी होता है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक विकास को भी प्रोत्साहित करती है। जिससे महिलाओं और वहां के निवासियों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है और इसी प्रकार से महिलाओं के उत्थान के लिए एमपी सरकार द्वारा chief minister ladli behna yojana की शुरुआत की गई है, जिसके तहत महिलाओं को प्रति महीना आर्थिक सहायता राशि दी जाती है।
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