Bahraich Communal Violence: एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने हिंसा रोकने के लिए उठाया हथियार, अमिताभ यश ने पिस्टल लहराया तो भागे उपद्रवी, एडीजी का एक्शन देख मची भगदड़, VIDEO

Bahraich Communal Violence: एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने हिंसा रोकने के लिए उठाया हथियार, अमिताभ यश ने पिस्टल लहराया तो भागे उपद्रवी, एडीजी का एक्शन देख मची भगदड़, VIDEO

अमृत विचार, बहराइच: जिले में भड़की हिंसा को बेकाबू होते देख सोमवार को एसटीएफ चीफ (एडीजी कानून व्यवस्था) अमिताभ यश को हथियार उठाना पड़ गया। उन्होंने पिस्टल लेकर उपद्रवियों को दौड़ाया तो उनके पसीने छूट गए। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से मशहूर अमिताभ के हाथ में पिस्टल देख भगदड़ मच गई। अमिताभ हेलीकॉप्टर से जिले में पहुंचे थे और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों को जायजा ले रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को तोड़फोड़ करते देख वे एक्शन में आ गए। 

बहराइच जिले रविवार को हुई सांप्रदायिक हिंसा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर सचिव (गृह) संजीव गुप्ता और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। देवी दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकाले गए जुलूस के दौरान हुई हिंसा में 22 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सचिव (गृह) संजीव गुप्ता और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर आए वीडियो में लोग प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं। जिले से कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी खबरें आई हैं। रविवार को मंसूर गांव के महाराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए एक जुलूस निकाला गया था। इस दौरान हुई हिंसा में एक युवक की जान चली गई और पथराव में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। 

हिंसा 2

बहराइच की पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला ने रविवार रात बताया था, "महसी तहसील के अंतर्गत महाराजगंज इलाके में तनाव था। जब जुलूस मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रहा था तभी दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद, पुलिस ने करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है। अशांति प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।" उन्होंने कहा कि इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और हिंसा प्रभावित इलाके के सीसीटीवी फुटेज देख कर अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्ला ने कहा, "घटना के सिलसिले में सलमान नामक एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि उसकी दुकान से कथित गोलीबारी हुई थी। संदिग्ध लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।" 

हिंसा 3

जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि महसी तहसील के महाराजगंज इलाके में देवी प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकाले गए जुलूस के दौरान विवाद हो गया तथा एक व्यक्ति को गोली लगने के बाद स्थिति बिगड़ गई। इस घटना के चलते फखरपुर कस्बे सहित कुछ अन्य स्थानों पर मूर्ति विसर्जन रूक गया था, लेकिन रविवार देर रात विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न हो गया । पुलिस के अनुसार, रविवार को विसर्जन के लिए देवी दुर्गा की मूर्ति लेकर मंसूर गांव के महाराजगंज बाजार से एक जुलूस गुजर रहा था। जुलूस में शामिल रेहुआ मंसूर गांव के निवासी राम गोपाल मिश्रा (22) को गोली लग गई। मिश्रा के एक परिजन ने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।

महसी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने कहा, "हम मृतक के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। चार महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। मृतक के परिजनों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। एसएचओ और पुलिस चौकी के प्रभारी को निलंबित किया जाए।" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने पर्याप्त इंतजाम कर समय पर प्रतिमा विसर्जन कराने तथा धार्मिक संगठनों से संवाद करने के निर्देश प्रशासन को निर्देश दिये थे।

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