अयोध्या: नागपंचमी पर जलाभिषेक को मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का तांता

अयोध्या, अमृत विचार। सावन के सातवें सोमवार व सावन शुक्ल पंचमी (नाग पंचमी) पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। अल सुबह से सरयू तट श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सरयू नदी में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सिद्धपीठ नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंच बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। साथ ही नाग देवता का पूजन-अर्चन किया।
हालांकि इस दौरान भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें कतार में खड़े होकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। नागपंचमी व सावन का सातवां सोमवार होने के कारण रामनगरी में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं नागपंचमी पर अलग-अलग जगहों पर लोग गुड़िया पीटते नजर आए।
सावन के सातवें सोमवार व नागपंचमी पर पूरी रामनगरी का शिवमय हो गई। स्थानीय लोगों के अलावा पड़ोसी जनपद अंबेडकर नगर, गोंडा, बस्ती, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अमेठी सहित प्रदेश के अन्य जनपदों से भारी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे और अपने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक व दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया।
सुबह करीब 4 बजे से ही मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन सिलसिला शुरू हुआ, जो दिन चढ़ने के साथ बढ़ता गया। नागेश्वरनाथ मंदिर के अलावा क्षीरेश्वरनाथ सहित हनुमानगढ़ी व श्रीरामजन्मभूमि में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर पर नाग पंचमी के दिन जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान करने से समस्त प्रकार की बाधा और कष्ट मिट जाते हैं।
सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से होती रही निगरानी
सावन झूला मेले को देखते हुए धर्मनगरी अयोध्या में जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। नागपंचमी पर्व को लेकर एतिहातन सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई थी, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटित हो सके। इस दौरान प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू घाट सहित अन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
विशेष पुलिस बल के जवानों को भी मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है। साथ ही मेला क्षेत्र में उमड़ी भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए रूट डायवर्जन सहित अन्य इंतजाम भी किए गए हैं। एसएसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि सावन झूला मेरे को लेकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। जिले के अलावा मुख्यालय से भी फोर्स मिली है। साथ ही जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमों को भी सरयू के जल धारा में लगाया गया है।
नागपंचमी पर शेषावतार मंदिर में दर्शन का है विशेष महत्व
नाग पंचमी पर श्रद्धालु अलग-अलग मठ-मंदिरों में पूजन अर्चन करते हैं। हालांकि सरयू तट के लक्ष्मणघाट पर स्थित शेषावतार का मंदिर में दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। इस मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन ओर अभिषेक किया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस स्थान पर दर्शन पूजन की अलग एक मान्यता है। नागपंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए यहां पहुंचते हैं।
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