संभल: 28 हजार में बेची गई हापुड़ की किशोरी बरामद, पांच गिरफ्तार

ऑपरेशन इस्माइल: डेढ़ वर्ष पहले मानव तस्करों ने 28 हजार में बेचा था, गैंग की महिला ने मेले से उठाया था किशोरी को

संभल: 28 हजार में बेची गई हापुड़ की किशोरी बरामद, पांच गिरफ्तार

संभल, अमृत विचार। एक साल पहले गाजियाबाद के मेले से अगवा कर 28 हजार रुपये में बेची गई हापुड़ की किशोरी को बरामद कर  जनपद की पुलिस ने बड़े मानव तस्कर गैंग का खुलासा करते हुए पांच मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। किशोरी को सकुशल बरामद कर उसके  दादा-दादी के सुपुर्द कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि 5 अगस्त को पुलिस को सोशल मीडिया से जानकारी मिली कि एक किशोरी  को नरौली में एक व्यक्ति अपने घर में रखे हुए है। जांच के दौरान उस घर का पता चल गया जहां किशोरी को रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने अशोक पुत्र राजपाल निवासी मोहल्ला मंसा देवी कस्बा नरौली थाना बनियाठेर के यहां से 14 वर्षीय किशोरी को बरामद कर लिया। पता चला कि किशोरी गांव पीपलहेड़ा करीमनगर थाना धौलाना जनपद हापुड़ की रहने वाली है। 

किशोरी को एक साल पहले गाजियाबाद के मेले से एक महिला ले आई थी और फिर गिरोह के लोगों के साथ मिलकर 28 हजार रुपये में नरौली के अशोक को बेच दिया था। एसपी ने बताया कि पुलिस ने किशोरी को लाकर बेचने वाली महिला पूजा पत्नी राजकुमार उर्फ राजेश निवासी अकबरपुर थाना गन्नौर के साथ ही मानव तस्करी गिरोह में शामिल इसरार पुत्र जमाल शाह निवासी मऊभूड़, धर्मवीर पुत्र हरप्रसाद निवासी गांव मिलक सेंजना थाना हयातनगर, प्रेमपाल पुत्र सेवाराम निवासी अकबरपुर थाना गुन्नौर व बच्ची को खरीदने वाले अशोक पुत्र राजपाल निवासी मोहल्ला मनसा देवी कस्बा नरौली थाना बनियाठेर को गिरफ्तार कर लिया।  

किशोरी से कराते थे घर का काम
बहजोई। एसपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि एक साल पहले किशोरी अपने परिजनों के साथ गाजियाबाद में मेला देखने गई थी। वहां से वह गायब हो गई थी। परिजनों ने  काफी तलाश की लेकिन बच्ची कहीं नहीं मिली। अब पता चला कि महिला पूजा किशोरी को वहां से ले आई थी। उसने गिरोह के बाकी लोगों के साथ मिलकर किशोरी को अशोक निवासी नरौली को 28 हजार रुपये में बेचा था। अशोक के यहां बच्ची से घरेलू काम कराया जाता था।
     
ऑपरेशन स्माइल ने बच्ची व परिवारों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान
बहजोई। एसपी कुलदीप सिंह गुनावत के निर्देशन में ऑपरेशन इस्माइल के तहत किशोरी को बरामद किया तो उसके दादा इकबाल व दादी वकीला को पूछताछ के बाद मिले पते पर सूचना दी। दादी-दादी आ गये तो पुलिस ने नाबालिग बच्ची को दादा-दादी के सुपुर्द कर दिया। डेढ़ वर्ष से गायब अपनी पोती को अचानक से मिलने पर उनके चेहरे पर मुस्कान वापस लौट आई। जहां बच्ची अपने दादा-दादी से मिलकर खुश हो रही थी। तो वहीं डेढ़ वर्ष के बाद अपनी पोती को देखकर विश्वास नहीं कर रहे थे।

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