मणिपुर के मुद्दे पर लोकसभा में गतिरोध बरकरार, कार्यवाही दो बजे तक स्थगित

नई दिल्ली। मणिपुर के मुद्दे पर लोकसभा में सोमवार को गतिरोध बरकरार रहा और विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। सदन दोपहर 12 बजे शुरू होने के पांच मिनट के भीतर अपराह्न दो बजे तक पुन: स्थगित कर दिया गया । सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी सदस्य मणिपुर का मुद्दा उठाने लगे।
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हंगामे के बीच ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। पर्यटन राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिए। इस बीच विपक्षी दलों के सदस्यों का मणिपुर मुद्दे पर जल्द चर्चा कराने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब की मांग को लेकर हंगामा जारी था। बिरला ने विपक्षी दलों के सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर तीन मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विपक्षी दलों ने पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को लोकसभा में ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023’ पर चर्चा में भाग लिया था। सदन ने विस्तृत चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। यह विधेयक दिल्ली में समूह-ए के अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापना के लिए एक प्राधिकार के गठन के लिहाज से लागू अध्यादेश का स्थान लेगा।
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के अन्य घटक दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर में जातीय हिंसा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से संसद में वक्तव्य देने और इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण दोनों सदनों में कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है।
कांग्रेस ने मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर संसद में जारी गतिरोध के बीच पिछले दिनों लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर मंगलवार (आठ अगस्त) से सदन में चर्चा होगी और 10 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी इसका जवाब दे सकते हैं।
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