अमरोहा: तिगरी में गंगा खतरे के निशान से डेढ़ मीटर दूर, बिजनौर बैराज से और छोड़ा गया 1.79 लाख क्यूसेक पानी

अमरोहा/ गजरौला, अमृत विचार : पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश अब मैदानी क्षेत्र में नुकसान पहुंचा रही है। बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से तिगरी में गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बिजनौर बैराज से 1.79 लाख क्यूसेक पानी और छोड़े जाने के बाद तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.55 दर्ज किया गया।
तिगरी स्थित गंगा में बढ़े जलस्तर से बाढ़ के आसार उत्पन्न हो गए हैं। खादर क्षेत्र के शीशोवाली, ढाको वाली, दारानगर, मंदिर वाली मढ़ैया, झुंडपुरा, गुलाबपुर, सुल्तानपुर, जाटोवाली समेत कई गांवों के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गौरतलब है कि 200 सेमी से अधिक जलस्तर बढ़ने पर गंगा का पानी गांवों में भरने लगता है।
फिलहाल भी खादर क्षेत्र के खेतों में पानी भरा है। रास्ते तालाब में तब्दील हो गए हैं। गांव दारानगर के चौकीदार मंगत सिंह ने बताया कि पानी गांव के नजदीक पहुंच गया है। लेकिन अंदर नहीं घुसा है। खेत पूरी तरह से लबालब हैं।
पुरोहितों ने गंगा के किनारे से हटाई झोपड़ियां: तिगरी स्थित गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की बात स्वभाविक है। तिगरी में भी पुरोहित की झोपड़ियां जलमग्न हो गई हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद घाटों के किनारे बनीं अपनी झोपड़ियों को पुरोहितों ने हटाना शुरू कर दिया है।
किया गया बाढ़ खंड चौकियों को अलर्ट : बाढ़ खंड विभाग के साथ प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम व बाढ़ विभाग को आदेश जारी करते हुए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ खंड की चौकियों पर तैनात कर्मियों को भी इस ओर अलर्ट किया गया है।
आने वाले दिनों में पहाड़ों पर बारिश बंद नहीं हुई तो गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच जायेगा। खादर के क्षेत्र गांवों की आबादी के बीच अभी पानी नहीं पहुंचा है। गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है। वहीं बाढ़ खंड की चौकियों पर तैनात कर्मियों को अलर्ट किया गया है।- सुभाष कुमार, जेई बाढ़ खंड
ये भी पढ़ें - अमरोहा : दुकान का ताला तोड़कर चोरी, नकदी समेत हजारों रुपए का माल लेकर चोर फरार