लखनऊ: राहुल गांधी के खिलाफ मामले में कोर्ट ने आदेश किया सुरक्षित, जानिए क्या है मामला
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लखनऊ, अमृत विचार। कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो पदयात्रा के दौरान सांसद राहुल गांधी द्वारा जान-बूझकर वीर विनायक दामोदर सावरकर के विरुद्ध अपमानजनक बातें कहने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग वाली अर्जी पर बहस सुनने के उपरान्त एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने 23 दिसम्बर के लिए अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह अर्जी स्थानीय अधिवक्ता नृरेंद्र पांडेय ने राहुल गांधी के विरुद्ध दाखिल की है।
कोर्ट में दाखिल अर्जी में अधिवक्ता नृपेंद्र पांडे ने आरोप लगाया है कि पदयात्रा के दौरान जानबूझकर एक सोची-समझी रणनीति व साजिश के तहत 17 नवम्बर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में राहुल गांधी ने वैमनस्यता पैदा करने के उद्देश्य से भारतीय इतिहास के नायक सावरकर की सार्वजनिक मंच से निरंतर अमर्यादित आलोचना करके देश के समस्त स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। अर्जी में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय विचारधारा के महानायक क्रांति वीर विनायक दामोदर सावरकर को राहुल गांधी ने निरंतर अंग्रेजों का पेंशनर, अंग्रेजों का नौकर, मददगार, अपनी रिहाई के लिए माफी मांगने वाला बताते हुए, मिथ्या दोषारोपण किया है। अर्जी में आगे कहा गया है कि वीर सावरकर का अपमान राष्ट्र का अपमान है, इसके साथ ही साथ यह राष्ट्रभक्त देशवासियों का भी अपमान है जिसके कारण राहुल गांधी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए जाने का आदेश पारित किया जाना आवश्यक है।
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