सतर्कता जरूरी

कोरोना वायरस के दो और राज्यों में पांव पसारने के बाद इस वायरस को लेकर अब चिंताएं बढ़ गई हैं। लद्दाख और तमिलनाडु में कोरोना के संक्रमण के मामले सामने आए हैं। रविवार को 5 और संक्रमण सामने आए हैं, जिसके बाद देश में अब कोरोना वायरस के 39 मामलों की पुष्टि हो गई है। …

कोरोना वायरस के दो और राज्यों में पांव पसारने के बाद इस वायरस को लेकर अब चिंताएं बढ़ गई हैं। लद्दाख और तमिलनाडु में कोरोना के संक्रमण के मामले सामने आए हैं। रविवार को 5 और संक्रमण सामने आए हैं, जिसके बाद देश में अब कोरोना वायरस के 39 मामलों की पुष्टि हो गई है। रविवार को केरल में 5 मरीजों का सैंपल टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा चेन्नई में भी एक मरीज का केस पॉजिटिव पाया गया। तमिलनाडु का यह व्यक्ति शनिवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था।

विदेशी नागरिकों के भारत में आने के मामले और खासकर इटली से यहां पहुंचे नागरिकों से कोरोना संक्रमण यहां ज्यादा पहुंचा है। लिहाजा अब जरूरत और अधिक सतर्कता बरतने की है। होली के त्योहार के मद्देनजर भी यह समझा जाना जरूरी है कि सार्वजिनक कार्यक्रम हों अथवा नहीं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि वो किसी सार्वजनिक होली समारोह में इस बार हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी इस बात के मायने हैं, और लोगों को इस संदेश को समझना होगा। निजी मामलों में सतर्कता के साथ ही सामाजिक तौर पर भी चुस्त रहने की आवश्यकता है।

चिंता करने वाली बात यह है कि दुनियाभर में इस जानलेवा संक्रमण का प्रकोप रुक नहीं रहा है और पूरे विश्व में इसके संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख तक पहुंच चुकी है। हालांकि चीन में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद वहां से यह संक्रमण भारत नहीं पहुंचा बल्कि यह संक्रमण अन्य देशों से यहां पहुंचा है। इस मामले में ध्यान देने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार को अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को लेकर कड़ी सुरक्षा बरतनी होगी। दुनिया के तमाम देशों में कोरोना दस्तक दे चुका है। लिहाजा अंतर्राष्ट्रीय आवागमन पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

कोरोना वायरस को लेकर देश में तरह-तरह की बातें और अफवाहें भी चल रही हैं जिनसे सतर्क रहने की जरूरत है। चिंता होने के साथ ही इस बारे में जागरूकता और जानकारी के साथ काम लेने की जरूरत है। हालांकि राहत की बात यह है कि देश में जितने भी मामले सामने आए हैं वह तुरंत चिन्हित हुए और सरकार के स्तर से फौरी तौर पर बचाव की कार्रवाई हुई। मगर कोरोना को लेकर व्यक्तिगत तौर पर जो सावधानियां बरती जानी चाहिए उसका शायद अभी अभाव दिख रहा है। इसे लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाए जाने की जरूरत है।

कोरोना से बचाव के लिए क्या किया जा सकता है, सरकारी स्तर पर ऐसे अभियान चलाए जाने की जरूरत है। विश्वभर में फैले इस संकट के बीच देशों को भी इस आपदा के खिलाफ मिल-जुलकर काम करने की जरूरत है ताकि समय रहते इस वायरस से छुटकारा मिल सके।