गोरखपुर : कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के खिलाफ जारी हुआ गैरजमानती वारंट, पुलिस को मिले यह सख्त निर्देश

गोरखपुर, अमृत विचार । विगत 7 जून 2015 को सहजनवां के कसरवल में निषाद बिरादरी को सरकारी नौकरियों में 5 फीसद आरक्षण देने की मांग पर हुए आंदोलन में मुख्य अभियुक्त रहे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी कर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के …
गोरखपुर, अमृत विचार । विगत 7 जून 2015 को सहजनवां के कसरवल में निषाद बिरादरी को सरकारी नौकरियों में 5 फीसद आरक्षण देने की मांग पर हुए आंदोलन में मुख्य अभियुक्त रहे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू जारी कर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए एसओ शाहपुर को आदेशित किया है।
बता दे कि 5 जून 2015 को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने प्रदेश के निषाद बिरादरी के लोगों को गोरखपुर पहुंचकर 7 जून को रेल रोको आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया था। सूचना पर प्रदेश के तमाम जिलों से निषाद समुदाय के लोगों ने भारी मात्रा में पहुंचकर रेल रोको आंदोलन की तैयारियां शुरू कर दी।किन्तु पुलिस को इसकी भनक लगते ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन के इर्द गिर्द कड़ी सुरक्षा कर देने से योजना विफल हो गयी।इसे देखते हुए निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने आंदोलन स्थल बदल कर सहजनवां के कसरवल में कर दिया और भारी हुजूम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रेन रोकने लगे।
जानकारी होने पर मौके पर अधिकारियों संग पहुंची पुलिस ने आंदोलन कर रही भीड़ को तितर बितर करना शुरू कर दिया। जिससे आंदोलनकारी भड़क गए और मामला हिंसक हो गया।जिसमें गोली चलने से एक युवक की मौके पर मौत हो गई।नाराज आंदोलन कारियों ने पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और लाठी डंडे,पत्थरबाजी होने लगी।इस घटना में दो दर्जन पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोग भी घायल हुए थे।
मामले में तत्कालीन एसओ सहजनवां श्यामलाल की तहरीर पर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद समेत कई लोगो पर तोड़फोड़,आगजनी,बलवा और 7 क्रिमिनल ला अमेंडमेंट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। घटना में गोली किस तरफ से चली को लेकर दोनों पक्षों से मुकदमे बाजी हुई। जिसमे संजय निषाद ने कोर्ट के जरिये पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया था,किन्तु इतनी बड़ी घटना के सूत्रधार होने के कारण जब पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू किया तो संजय निषाद ने 21 दिसम्बर 2015 को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया और जमानत करवाकर 14 जनवरी 2016 को जेल से बाहर आये।
इसी प्रकरण की सुनवाई के दौरान सीजेएम कोर्ट ने संजय निषाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर एसओ शाहपुर को उन्हें गिरफ्तार कर 10 अगस्त तक कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
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