CWG 2022: कोई नहीं टक्कर में, कहां पड़े हो चक्कर में… पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दिया मंत्र

नई दिल्ली। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उनसे बिना किसी तनाव के जमकर खेलने का आग्रह करते हुए कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में श्रेष्ठ प्रदर्शन का तोहफा देश को देने के इरादे से खेलें। बर्मिघम में 28 जुलाई …
नई दिल्ली। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने जा रहे भारतीय खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उनसे बिना किसी तनाव के जमकर खेलने का आग्रह करते हुए कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में श्रेष्ठ प्रदर्शन का तोहफा देश को देने के इरादे से खेलें। बर्मिघम में 28 जुलाई से आठ अगस्त तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने जा रहे खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल बातचीत करके उनका हौसला बढाया।
इससे पहले उन्होंने पिछले साल तोक्यो ओलंपिक और पैरालम्पिक खिलाड़ियों से भी बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,‘‘ जो 65 खिलाड़ी पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे हैं, उनसे मैं यही कहूंगा कि जी भरकर खेलें, जमकर खेलें और बिना किसी तनाव के खेलें। एक पुरानी कहावत है कि कोई नहीं है टक्कर में , कहां पड़े हो चक्कर में। इन्हीं तेवरों के साथ खेलें।’’ प्रधानमंत्री ने करीब 45 मिनट तक हुई बातचीत में स्टीपलचेस खिलाड़ी अविनाश साबले से भारतीय सेना में उनके अनुभव के बारे में पूछा तो बैडमिंटन खिलाड़ी त्रिसा जॉली से गायत्री गोपीचंद और उनकी दोस्ती के बारे में पूछा।
Wishing our dynamic contingent the very best for @birminghamcg22. https://t.co/YkIAkPFrEN
— Narendra Modi (@narendramodi) July 20, 2022
उन्होंने हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला और झारखंड की हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे को प्रतिकूल परिस्थितियों में हार नहीं मानने के उनके जज्बे के लिये सराहा। प्रधानमंत्री मोदी ने भारोत्तोलक अचिंत शिउले से सिनेमा के उनके शौक को लेकर बात की तो साइकिलिस्ट डेविड बैकहम से पूछा कि नाम बैकहम है तो फुटबॉल खेलने का मन नहीं किया। उन्होंने खिलाड़ियों के परिजनों की भी तारीफ करते हुए कहा कि एक खिलाड़ी को बनाने में पूरा परिवार तपस्या करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा ,‘‘ मैदान बदला है, माहौल बदला होगा लेकिन आपका मिजाज नहीं बदला है। आपकी जिद नहीं बदली है। लक्ष्य वही है कि तिरंगे को लहराता देखना है। राष्ट्रगान की धुन को बजते सुनना है और इसलिये दबाव नहीं लेना है। अच्छे और दमदार खेल से अपना प्रभाव छोड़कर आना है।’’
उन्होंने आगे कहा ,‘‘ आप लोग ऐसे समय में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने जा रहे हैं जब देश आजादी का 75वां वर्ष मना रहा है। इसी अवसर पर आप श्रेष्ठ प्रदर्शन का तोहफा देश को देंगे, इस लक्ष्य के साथ जब मैदान में उतरेंगे तो सामने कौन है, इस बात से फर्क नहीं पड़ेगा।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,‘‘ आज 20 जुलाई अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस है और यह एक संयोग है कि 28 जुलाई को बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेल शुरू होंगे और महाबलीपुरम में शतरंज ओलंपियाड शुरू होगा यानी आने वाले 10 . 15 दिन भारतीय खिलाड़ियों के पास अपना दम खम दिखाने का सुनहरा मौका है।’’
उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा पर देश की विशेष नजर रहने वाली है और अतीत में देश का नाम रोशन कर चुके खिलाड़ियों के लिये नये कीर्तिमान गढने का समय है। उन्होंने कहा ,‘‘ भारतीय खेलों के इतिहास में यह सबसे महत्वपूर्ण कालखंड है। आज खिलाड़ियों का हौसला बुलंद है, ट्रेनिंग बेहतर है और खेलों के प्रति देश में माहौल जबर्दस्त है। आप सभी नये शिखर चढ रहे हैं और नये शिखर गढ रहे हैं। आपका अभूतपूर्व आत्मविश्वास पूरा देश अनुभव कर रहा है ।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार हमारी राष्ट्रमंडल खेलों की टीम कई मायने में खास है क्योंकि इसमें अनुभव और नयी ऊर्जा का अनूठा संगम है।
उन्होंने कहा ,‘‘ इस टीम में 14 साल की अनहत है तो 16 साल की संजना जोशी है और ये बच्चे देश का नाम रोशन करने जा रहे हैं। ये खेलों में नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर नये भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ये युवा खिलाड़ी साबित कर रहे हैं कि भारत का कोना कोना खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है।’’ उन्होंने शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को प्रेरणा के लिये बाहर देखने की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने कहा ,‘‘ मनप्रीत जैसे अपने साथियों को आप देखेंगे तो जज्बा कई गुना बढ जायेगा । पैरों में फ्रेक्चर के कारण रनर की बजाय वह शॉटपुट में उतरी और उसी खेल में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी चुनौती के सामने पस्त नहीं होना, निरंतर गतिमान रहना और अपने लक्ष्य के लिये समर्पित रहने का नाम ही खिलाड़ी होता है। उन्होंने कहा ,‘‘ अभी तक आपने जो कुछ हासिल किया, वह प्रेरणादायी है लेकिन अब नये कीर्तिमानों की तरफ देखना है। आपने दुनिया की बेहतरीन सुविधाओं के साथ ट्रेनिंग की है और अब समय उस ट्रेनिंग को अपनी संकल्प शक्ति के साथ मिलाने का है।’’ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के बाद सभी खिलाड़ियों को अपने आवास पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा ,‘‘ आप सभी विदेशों में अभ्यास कर रहे हैं और मैं संसद सत्र में व्यस्त हूं लिहाजा रूबरू मुलाकात नहीं हो पाई।
लेकिन मेरा वादा है कि जब आप लौटकर आयेंगे तो हम विजय उत्सव मनायेंगे। आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और विजयी होकर मेरे यहां आने का निमंत्रण मैं अभी से दे रहा हूं ।’’ इस मौके पर खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी को समय समय पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये धन्यवाद देते हुए कहा ,‘‘ आपने ओलंपिक और पैरालम्पिक खेलों से पहले भी खिलाड़ियों का हौसला बढाया था और दुनिया के शायद ही किसी देश में ऐसा होता होगा।
खेलों का बजट तिगुना करने के लिये हम आपके आभारी है । राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने जा रहे खिलाड़ियों के 111 एक्सपोजर दौरे हो चुके हैं और सुविधाओं में कहीं कोई कमी नहीं रही है ।’’ बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 19 खेलों की 141 स्पर्धाओं में भारत के 215 खिलाड़ी भाग लेंगे।
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