पीलीभीत: मलाईदार पटल पर बाबुओं के भ्रष्टाचार की दीमक, अब फंसे

पीलीभीत, अमृत विचार। जिला पंचायत राज विभाग में मलाईदार पटलों पर पोस्टिंग पाकर बाबू भ्रष्टाचार की दीमक फैलाने में जुट गए। सफाई कर्मचारियों से उनके कामों को लेकर सुविधा शुल्क की मांग की जाने लगी। इससे इनकार करने पर अफसरों की तर्ज पर टालमटोल कर दी गई। मामला संज्ञान में आने पर डीपीआरओ ने गोपनीय …
पीलीभीत, अमृत विचार। जिला पंचायत राज विभाग में मलाईदार पटलों पर पोस्टिंग पाकर बाबू भ्रष्टाचार की दीमक फैलाने में जुट गए। सफाई कर्मचारियों से उनके कामों को लेकर सुविधा शुल्क की मांग की जाने लगी। इससे इनकार करने पर अफसरों की तर्ज पर टालमटोल कर दी गई।
मामला संज्ञान में आने पर डीपीआरओ ने गोपनीय तरीके से पड़ताल कराई, जिसमें दो लिपिकों पर लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद कड़ा एक्शन लेते हुए उनसे पटलों का कार्यभार छीन लिया गया। उनके स्थान पर दूसरे बाबुओं को जिम्मेदारी दे दी गई है। साथ ही कर्मचारियों को शासन की मंशा के अनुरूप जिम्मेदारी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग में हुई कार्रवाई से खलबली मच गई है।
वैसे तो जिला पंचायत राज विभाग में बाबुओं का खेल कोई नई बात नहीं है। जिम्मेदारों से सांठगांठ कर मलाईदार पदों पर आसीन होना बाबुओं के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। बीते सालों में कई प्रकरण उजागर हो चुके हैं, जिनमें सिस्टम पर सवाल उठ गए थे। बीते साल ही एक मामला सामने आया था, जिसमें बाबू को निलंबन के बाद उसी पद पर बहाली दे दी गई थी, जिसमें अयोग्य बताते हुए उसका निलंबन किया गया था।
इसकी शिकायत हुई तो तत्कालीन अधिकारी जांच के नाम पर मामला दबा गए थे। इसके बाद कई अन्य मामले भी उजागर हुए। मगर कार्रवाई दबा दी गई थी। पिछले कुछ दिनों से नवागत डीपीआरओ सुबोध जोशी को बाबुओं के खेल से जुड़ी शिकायतें मिल रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने निगरानी बढ़ा दी। फिर दो बाबुओं वरिष्ठ सहायक महेश कुमार और सिराज अहमद पर गाज गिरी है।
उनसे मलाईदार पटलों का चार्ज हटा दिया गया है। इसे अफसर भले ही विभागीय प्रक्रिया के तहत फेरबदल बताएं। मगर, बताते हैं कि दोनों की भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की फेहरिस्त लंबी हो चुकी थी। मृतक आश्रितों से भी सुविधा शुल्क की वसूली का प्रयास किया जा रहा था। इसकी भनक लगने पर डीपीआरओ ने पड़ताल की तो सच सामने भी आ गया। जिसके बाद एक्शन लिया गया है।
यह दोनों कर्मचारी मूल रूप से विकास विभाग के हैं, लेकिन जिला पंचायत राज विभाग में संबंद्ध चल रहे हैं। महेश कुमार से सफाईकर्मी स्थापना, सफाईकर्मी बिल का चार्ज हटाकर भूपेंद्र को दे दिया है। अब इनके पास जनसूचना एवं सामान्य शिकायत, ग्राम प्रधान कार्य का पटल दिया है। इसी तरह से सिराज अहमद से स्थापना कार्यालय, एडीओ पंचायत स्थापना, सफाईकर्मी छोड़ बाकी समस्त बिल कार्य का पटल हटा दिया गया है। यह पटल दुर्गाचरण को दे दिए गए हैं। डीपीआरओ की ओर से लिए गए सख्त एक्शन से विकास भवन में खलबली मच गई है। उधर, चर्चा है कि संबंधित कर्मचारी संरक्षकदाताओं से संपर्क साधकर राहत तलाशने में भी जुटे हुए हैं।
एडीओ पंचायत को बैठक कर कसा
बता दें कि बीते दिनों डीएम पुलकित खरे ने ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों में मानक और गुणवत्ता की अनदेखी किए जाने की बात कही थी। इस पर नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ को कमान सौंपी गई थी। इसके बाद अब डीपीआरओ सुबोध जोशी भी एक्शन मोड में आ चुकी है। उन्होंने एक दिन पूर्व सभी एडीओ पंचायत संग बैठक की, जिसमें शासन की मंशा के तहत निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
नियम विरुद्ध अवकाश लेने पर एडीपीआरओ का वेतन काटा
पीलीभीत। नियम विरुद्ध तरीके से अवकाश लेने पर एडीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव का छह दिन का वेतन काट दिया गया है। बताते हैं कि वह 16 अप्रैल से 21 अप्रैल तक अवकाश पर गए हैं। अवकाश लेने में उनके द्वारा नियमावली का पालन नहीं किया गया, जिसे गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने उनका छह दिन का वेतन अदेय करने के आदेश किए हैं। इस कार्रवाई की भी विभाग में खासी चर्चा बनी हुई है।
भ्रष्टाचार में घिरा ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे बीसलपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश भारती की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। बीते दिनों वायरल हुए वीडियो की जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब उन्हें निलंबित कर मरौरी ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था।
जिसमें ग्राम प्रधान से एक युवक सुविधा शुल्क के लेनदेन को लेकर बातचीत करता दिखाई दे रहा था। इस मामले का संज्ञान लेते हुए बीडीओ बीसलपुर से जांच कराई गई थी। बीडीओ की जांच रिपोर्ट में सामने आया था कि ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश भारती ने एक निजी कर्मचारी रख रखा है।
उसी के द्वारा ग्राम प्रधान से लेनदेन की बातचीत चल रही थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। डीएम पुलकित खरे ने जांच आख्या मिलने पर सचिव पर विभागीय कार्रवाई और निजी कर्मचारी पर एफआईआर के आदेश कर दिये थे। इस मामले में अब डीपीआरओ सुबोध जोशी ने सख्ती करते हुए पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है।
उन्हें मरौरी ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। उधर, बता दें कि एक दिन पहले सचिव ने भी अपने बचाव में एक रिपोर्ट ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ बीसलपुर कोतवाली में दर्ज करा दी थी। जिसमें षड़यंत्र के तहत वीडियो बनाकर वायरल करने का आरोप लगाया था। फिलहाल अधिकारियों की ओर से सख्त एक्शन लिए जाने से मामला सुर्खियां बन चुका है।
बीसलपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश भारती को निलंबित कर मरौरी ब्लॉक से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा दो वरिष्ठ सहायकों के पटल बदले गए हैं। उनकी लगातार शिकायतें मिल रही थी। इसी को लेकर कार्रवाई की गई है। मातहतों को शासन की मंशा के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए गए हैं। —सुबोध जोशी, डीपीआरओ
ये भी पढ़ें-
बरेली: अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को मारी टक्कर, मौके पर मौत