हरदोई: बढ़ती गर्मी के चलते बदले स्कूलों के समय, बदलाव को लेकर अफसरों को नहीं है खबर

हरदोई। गर्मी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। बुधवार की शाम को राजधानी से खबर मिली कि गर्मी के गहराने से अब स्कूल सुबह साढ़े सात से दोपहर 12 बजे तक खुलेंगे। साथ ही यह भी कहा गया था कि अगले दिन यानी गुरुवार से इस पर अमल शुरू हो जाएगा। फिर क्या था,इस …
हरदोई। गर्मी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। बुधवार की शाम को राजधानी से खबर मिली कि गर्मी के गहराने से अब स्कूल सुबह साढ़े सात से दोपहर 12 बजे तक खुलेंगे। साथ ही यह भी कहा गया था कि अगले दिन यानी गुरुवार से इस पर अमल शुरू हो जाएगा। फिर क्या था,इस खबर के कानों में टकराते ही मास्साब रुटीन में बदलाव करने की तैयारी कर बैठे।
गुरुवार की सुबह आंख खुलते ही मास्साब झोला उठा कर अपने स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। वहां पहुंचते ही रसोइयों को बुलाया,उनसे बच्चों को बुलवाया और पढ़ाई-लिखाई शुरू कर दी।
कमोबेश हर तरफ कुछ इसी तरह का हाल रहा। वक्त के बदलाव को लेकर यहां के किसी भी अफसर को कुछ नहीं पता। वहीं सिर्फ मास्साब ही नहीं बल्कि बच्चे और उनके घर वाले उलझे रहे। सारे दिन बीआरसी और एनपीआरसी के मोबाइल बजते रहे। हर तरफ से इस सवाल पर यही जवाब मिला कि फिलहाल अभी इस बारे में कोई गाइडलाइन जारी नही हुई है।
स्कूलों में वक्त बदलने के बारे में जब बीएसए वीपी सिंह से बात की गई तो उन्होंने छूटते ही बस यही जवाब दिया कि टीचर चाहतें हैं कि उन्हें स्कूल न जाना पड़े। लेकिन जब उनसे कहा गया कि जो टीचर स्कूल न जा कर नेता बने घूमते हैं,ऐसे लोगों के बारे में क्या कहना है ? इस पर बीएसए ने चुप्पी साध ली।
हालांकि उनका यही कहना था कि अभी उनको इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। हकीकत है कि जब अफसर ही अपने मातहत को नीचा दिखाएगा तो दूसरों को कहने में कितना वक्त लगेगा।
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