बरेली: अब आईएमए की सलाह पर लागू होगा क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट

बरेली: अब आईएमए की सलाह पर लागू होगा क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट

बरेली, अमृत विचार। क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट पर फिलहाल रोक लगाए जाने से आईएमए के चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने एक्ट को लागू नहीं करने का आश्वासन दिया है। कहा कि आईएमए की राय पर इसे दोबारा लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी …

बरेली, अमृत विचार। क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट पर फिलहाल रोक लगाए जाने से आईएमए के चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने एक्ट को लागू नहीं करने का आश्वासन दिया है। कहा कि आईएमए की राय पर इसे दोबारा लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी आईएमए अध्यक्ष डा. विमल भारद्वाज ने दी। साथ ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित शीर्ष मंत्रियों का आभार व्यक्त किया।

आईएमए भवन में उन्होंने बताया कि बीते दिनों लखनऊ में आयोजित चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के समक्ष प्रदेश स्तर के आईएमए पदाधिकारियों ने यह मामला प्रमुखता से उनके समक्ष रखा था। इससे पूर्व भी चिकित्सा प्रकोष्ठ और आईएमए ने इस एक्ट का विरोध दर्ज कराया था। प्रेस वार्ता में उपस्थित पूर्व आईएमए अध्यक्ष डा. आईएस तोमर ने बताया कि क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट से छोटे व मझले दर्जे के अस्पतालों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। एक्ट के लागू होने से मरीजों के साथ ही चिकित्सकों को दिक्कत होगी।

एक्ट के मुताबिक मानकों को पूरा करने में काफी समय लगेगा। यदि देखा जाए तो कोर्पोरेट लेवल पर चल रहे संस्थानों के लिए बना एक्ट स्थानीय चिकित्सकों के लिए उचित नहीं है। नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि इस संबंध में आईएमए और चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा शीर्ष स्तर के मंत्रियों से भेंट की गई। उन्होंने चिकित्सकों की समस्याओं को देखते हुए क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट पर रोक लगा दी है बल्कि स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि दोबारा से इस एक्ट को लागू करने से पूर्व आईएमए की राय भी जरूर ली जाएगी । पूर्व के एक्ट में संशोधन भी किया जाएगा। प्रेस वार्ता में डा. रविश, डा. अनूप आर्य, डा. राजीव गुप्ता आदि उपस्थित रहे।