हल्द्वानी: अब नहीं खुलेंगे माध्यमिक विद्यालयों के भारतीय स्टेट बैंक में खाते, ये है वजह

हल्द्वानी, अमृत विचार। सर्व शिक्षा अभियान के तहत अब सरकारी विद्यालयों के खाते भारतीय स्टेट बैंक में नहीं खुलेंगे। प्रदेश सरकार के परियोजना निदेशक ने भारतीय स्टेट बैंक से राज्य स्तर पर हुए करार को निरस्त कर दिया है। इसके पीछे बैंक द्वारा तय समय पर खाते न खोलना बताया जा रहा है। शिक्षा विभाग …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सर्व शिक्षा अभियान के तहत अब सरकारी विद्यालयों के खाते भारतीय स्टेट बैंक में नहीं खुलेंगे। प्रदेश सरकार के परियोजना निदेशक ने भारतीय स्टेट बैंक से राज्य स्तर पर हुए करार को निरस्त कर दिया है। इसके पीछे बैंक द्वारा तय समय पर खाते न खोलना बताया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों के खाते भारतीय स्टेट बैंक में खोलने का फैसला लिया था। इसके लिए बैंक से बाकायदा करार हुआ था। बैंक की ओर से नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया था। करार होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने सभी पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में खाता संबंधी कागजात भिजवा दिए। प्रधानाचार्य ने विभागीय आदेश होने के चलते सभी फार्म भरकर बैंक में जमा कर दिए, लेकिन अब तक खाते नहीं खुले। खाते न खुलने के कारण विद्यालय संचालन में प्रधानाचार्य को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
राज्य स्तर पर मिलने वाला धन भी इन स्कूलों को भी नहीं मिल पा रहा है। इसकी शिकायतें राज्य स्तर तक की गईं। मामला परियोजना निदेशक के संज्ञान तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और बैंक से हुए अनुबंध को निरस्त कर दिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि सितंबर तक सभी विद्यालयों के खाते खुलने थे। सभी कागजात जमा होने के बाद भी खाता नहीं खोला गया है। इसलिए राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने बैंक से हुए करार को निरस्त कर दिया है।
सभी स्कूलों के खाते एक ही बैंक में करने की योजना के मकसद से ये निर्णय लिया गया था लेकिन नोडल अधिकारी ने 24 दिसंबर तक बैंक के अंदरुनी कारणों से अभी खाते खोलने में असमर्थता जताई थी, इसलिए अनुबंध निरस्त कर दिया गया। – बंशीधर तिवारी, राज्य परियोजना निदेशक
इतनी बड़ी संख्या में खाते खोलने में कुछ दिक्कतें थी। इन दिक्कतों को हमने राज्य परियोजना निदेशक के सामने रखा था। हमारे पास कागजात भी आ गए थे। इन्हें हम प्रक्रिया में ले रहे थे, लेकिन अब ये अनुबंध खत्म हो गया है। – अश्वनी नागपाल, नोडल अधिकारी, एसबीआई