अयोध्या: रात की सर्द हवाएं भी न हिला सकी परिक्रमार्थियों के हौसले, 10-12 घंटे में पूरी कर ली परिक्रमा

अयोध्या। अक्षय नवमी पर शुरू हुई 14 कोसी परिक्रमा का शनिवार की सुबह मुहूर्त में ही समापन हो गया। पूरी रात परिक्रमा पथ मेलार्थियों से गुलजार रहा। इस बार भी परिक्रमार्थियों में युवाओं की टोलियों ने 14 कोस की परिक्रमा को 10 से 12 घंटे में ही पूरा कर लिया। हालांकि परिक्रमा करने वालों में …
अयोध्या। अक्षय नवमी पर शुरू हुई 14 कोसी परिक्रमा का शनिवार की सुबह मुहूर्त में ही समापन हो गया। पूरी रात परिक्रमा पथ मेलार्थियों से गुलजार रहा। इस बार भी परिक्रमार्थियों में युवाओं की टोलियों ने 14 कोस की परिक्रमा को 10 से 12 घंटे में ही पूरा कर लिया। हालांकि परिक्रमा करने वालों में हर उम्र के लोग दिखे। रात में चलने वाली सर्द हवाएं भी आस्थावान परिक्रमार्थियों के हौसलों को डिगा नहीं सकी और सुबह होते ही कई श्रद्धालुओं ने सीता राम, सीता राम के जाप के साथ परिक्रमा पूरी कर ली।
शुक्रवार की सुबह परिक्रमा में अन्य जनपदों से ही नहीं शुरू हुई बल्कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्रद्धालुओं का मेला परिक्रमा करने अयोध्या पहुंचा था। गुरुवार की रात तक यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। सुबह मुहर्त के अनुसार ही परिक्रमा शुरू कर दी। दिन व रात परिक्रमार्थी चलते रहे। यही नहीं देहात व अन्य जनपदों से आया श्रद्धालु अपने हाथों में सामान भी लिए हुए था। लोग टोलियों में आये थे। खो जाने के डर से एक निशान भी लेकर चल रहे थे, जिसमें झंडा इत्यादि शामिल था।
श्रद्धालुओं के लिए जलपान और दवाओं के तकरीबन 500 स्टाल लगाए गए थे। विश्राम के लिए आश्रम स्थल भी बनाए गए थे। परिक्रमार्थियों में सबसे ज्यादा युवाओं की टोलियां दिखीं। रूदौली तहसील से आई 10 युवाओ की टोलियों में शामिल मदन ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब नाका हनुमान गढ़ी से परिक्रमा शुरू की थी।
सुबह 3 बजे ही पूरी कर ली थी। मोदहा निवासी मोहित से बताया कि उन्होंने मोदहा से ही रात में 9 बजे परिक्रमा शुरू की थी। सुबह 9 बजे से पहले ही उन्होंने परिक्रमा पूरी कर ली। सोहावल के रामलाल ने बताया कि उनका परिक्रमा का यह 41वां साल था।
हालांकि उन्हें परिक्रमा पूरा करने में समय लग गया। परिक्रमा खत्म होते ही लोग अपने अपने घरों को लौटने लगे हैं। बस अड्डे रेलवे स्टेशन व हाईवे पर सवारी के इंतजार में लोग देखे गए।