World Kindness Day: विश्व दया दिवस के दिन आप भी करें अच्छे काम, जानें इसकी वजह

World Kindness Day: विश्व दया दिवस के दिन आप भी करें अच्छे काम, जानें इसकी वजह

दुनियाभर में आज वर्ल्ड काइंडनेस डे मनाया जा रहा है। वर्ल्ड काइंडनेस डे एक पॉजिटिव शक्ति और दया के भाव पर आधारित है जो पूरे समाज में हमें अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे कि यह तो सभी जानते हैं कि दया का भाव मानव परिस्थितियों का मूलभूत हिस्सा है जो धर्म, …

दुनियाभर में आज वर्ल्ड काइंडनेस डे मनाया जा रहा है। वर्ल्ड काइंडनेस डे एक पॉजिटिव शक्ति और दया के भाव पर आधारित है जो पूरे समाज में हमें अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करता है। जैसे कि यह तो सभी जानते हैं कि दया का भाव मानव परिस्थितियों का मूलभूत हिस्सा है जो धर्म, राजनीति, लिंग और मानवता की भावनाओं से कहीं अधिक परे है। दया एक शक्तिशाली उपकरण की तरह है जो हमें एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद कर सकती है जो एक बेहतर, उज्जवल भविष्य का वादा करती है। इस दिन सभी लोगो केो अच्छे काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि उनके मन में दया का भाव जाग सके जोकि आजकल के दौर में लोगों के मन में कहीं मरा पड़ा है।

वर्ल्ड काइंडनेस डे की कब से हुई थी शुरुआत
वर्ल्ड काइंडनेस डे को विश्व दया दिवस भी कहा जाता है। यह दिन हर साल 13 नवंबर को मनाया जाता है। जानकारी के अनुसार यह विश्व दयालु आंदोलन द्वारा 1998 में राष्ट्रों की दयालुता गैर-सरकारी संगठनों के गठबंधन में पेश किया गया था। यह कनाडा, जापान, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों में मनाया जाता है। साल  2009 में, सिंगापुर, इटली और भारत ने पहली बार इस दिन को मनाया था। 

वर्ल्ड काइंडनेस डे का उद्देश्य
वर्ल्ड काइंडनेस डे का सबसे बड़ा उद्देश्य है पूरी दुनिया के लोगों को दयालतु के लिए प्रेरित करके एक अच्छी दुनिया बनाना। आपको बता दें कि world kindness day इसीलिए मनाया जाता है ताकि लोगो के अंदर एक दूसरे की मदद करने के लिए भावना जागे। इंसान के अंदर इंसानियत का जो दीया बुझ गया है उसको जगाने के लिए यह दिन पूरे विश्व भर में मनाया जाता है।

वर्ल्ड काइंडनेस डे कोट्स
1. दयालुता अन्य लोगों और जीवित प्राणियों के प्रति विचारशील, दयालु और सहानुभूतिपूर्ण होने का कार्य है।
2. दया बुद्धिमता से ज्यादा महत्वपूर्ण है, और इसकी पहचान बुद्धिमान होने की शुरुआत है।
3.सत्य और अहिंसा ही धर्म का प्रतीक हैं।
4. जहां दया तहं धर्म है, जहां लोभ तहं पाप
जहां क्रोध तहं काल है, जहां क्षमा आप – कबीरदास
5. दया के छोटे-छोटे से कार्य, प्रेम के जरा-जरा से शब्द हमारी पृथ्वी को स्वर्गोपम बना देते हैं- जूलिया कार्नी

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