बरेली: सीवर लाइन की सफाई के नाम पर उगाही की नहीं शुरू हुई जांच

बरेली: सीवर लाइन की सफाई के नाम पर उगाही की नहीं शुरू हुई जांच

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के जलकल विभाग में सीवर लाइन की सफाई के नाम पर भवन स्वामियों से उगाही करने के ऑडियो वायरल होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि, शिकायतकर्ता पार्षद का कहना है कि वे इस मामले को लेकर नगर आयुक्त और मेयर दोनों से मिलकर …

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के जलकल विभाग में सीवर लाइन की सफाई के नाम पर भवन स्वामियों से उगाही करने के ऑडियो वायरल होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि, शिकायतकर्ता पार्षद का कहना है कि वे इस मामले को लेकर नगर आयुक्त और मेयर दोनों से मिलकर उच्च स्तरीय जांच कराएंगे ताकि भ्रष्टाचार के खेल में लिप्त कर्मचारी-ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इधर, भ्रष्टाचार का मामला खुलने के बाद मंगलवार को दिनभर खलबली मची रही।

जलकल विभाग की खस्ताहाल सीवर लाइनें हजारों भवन स्वामियों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि अगर उन्हें ठीक करवाने की कोशिश करते हैं तो उनसे विभाग के कर्मचारी व ठेकेदार जमकर वसूली कर रहे हैं। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में भी ऐसे ही कई मामले उजागर हुए हैं, जिसमें लोग क्षेत्रीय पार्षद राजेश अग्रवाल से जलकल विभाग के कर्मचारियों के अवैध वसूली करने की शिकायत कर रहे हैं।

पार्षद राजेश अग्रवाल से बातचीत करने वाले व्यक्ति का एक ऐसा ऑडियो वायरल हुआ है, इसमें वह यह शिकायत कर रहा है कि उनकी सीवर लाइन बंद हैं। जलकल विभाग का एक कर्मचारी यह कह रहा है कि सीवर तो ऐसे ही लबालब भरे रहेंगे। आप अपने घर की लाइन को ठीक कराएं। दरअसल सीवर लाइन ठीक करने के नाम पर आने वाले बाहरी लड़के मनमाने पैसे वसूलते हैं। इसमें विभागीय कर्मचारियों का कमीशन भी तय रहता है।

ऐसे ही वायरल हुए एक दूसरे ऑडियो में सिविल लाइंस की एक महिला पार्षद से यह शिकायत कर रही है कि उनकी घर की सीवर लाइन ठीक करने के लिए कुछ लोग आए थे और वे 1200 रुपये मांग रहे हैं। उनका कहना था कि सीवर लाइन ठीक है। आपके घर की लाइन को ठीक करना है। ऐसे कोई कैसे जानेगा कि कौन सी गड़बड़ है। मेन सीवर लाइन अक्सर खराब रहती है। ऐसे और भी कई मामले उजागर हुए हैं, जिससे जलकल विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जबकि इस मामले की अब तक कोई जांच भी नहीं शुरू हुई है। इन मामलों की जांच में कहीं लीपापोती न हो जाए, इसके लिए वह मेयर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त अभिषेक आनंद से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की तैयारी पार्षद की ओर से की जा रही है।

जलकल विभाग में ये खेल लंबे समय से चल रहा है। जनता की कमाई पर अब और खेल नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए वे इस मामले को लेकर मेयर और नगर आयुक्त से सीधे बात करके जांच शुरू कराएंगे। -राजेश अग्रवाल, पार्षद

अभी तक इस मामले की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। जनता से भी कोई सीधे फोन नहीं आया है। इसलिए इस मामले में अभी कोई एक्शन नहीं लिया गया है। कोई प्रकरण संज्ञान में आएगा तो कड़ी कार्रवाई होगी। -राजेश यादव, महाप्रबंधक, जलकल

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