अयोध्या: मां की विदाई पर भक्तों के छलके आंसू, सरयू नदी में हुआ विसर्जन

अयोध्या। जिले में विजयादशमी के दिन पंडालों में स्थापित मां जगतजननी का विसर्जन पावन सरयू नदी में किया गया। भक्त गाजे-बाजे के साथ मां को गुप्तार घाट स्थित निर्मलीकुंड घाट पर विसर्जन के लिए ले गए। विसर्जन के समय भक्तों की आंखें नम थीं। सुबह दस बजे से शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक चलता …
अयोध्या। जिले में विजयादशमी के दिन पंडालों में स्थापित मां जगतजननी का विसर्जन पावन सरयू नदी में किया गया। भक्त गाजे-बाजे के साथ मां को गुप्तार घाट स्थित निर्मलीकुंड घाट पर विसर्जन के लिए ले गए। विसर्जन के समय भक्तों की आंखें नम थीं। सुबह दस बजे से शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर घाट पर पुलिस बल तैनात रहा।
चौक में दुर्गा प्रतिमाओं का फूलों से स्वागत किया गया। इस दौरान सांसद लल्लू सिंह, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, सपा के पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडेय, जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय व केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष मनोज जयसवाल समेत कई बड़े नेता स्वागत में खड़े थे। शोभायात्रा में श्रद्धालु मां के भजनों पर झूमते नजर आए। जगह-जगह पर भंडारे का आयोजन किया गया था। विसर्जन यात्रा में इस बार महिलाएं भी भारी संख्या में मौजूद रहीं।
सोहावल में 172 प्रतिमा का हुआ विसर्जन
सोहावल तहसील क्षेत्र के प्रतिमा विसर्जन को लेकर तहसील प्रशासन के साथ रौनाही पुलिस मुस्तैद रही। सुबह 10 बजे शुरू विसर्जन रात 1 बजे तक चलता रहा। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन संतोष कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर रामकृष्ण चतुर्वेदी व उप जिला अधिकारी जय जीत कौर मिश्रा विसर्जन घाटों पर भ्रमण करते रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि ढेमवा घाट पर 115, इस्माइल नगर सिंहोर घाट पर 40, कलाफपुर घाट पर 12, दिनकरपुर में पांच मूर्तियों समेत 172 मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
लक्ष्मण किला मैदान में हुआ रावण दहन
अयोध्या के सरयू घाट स्थित लक्ष्मण किला मैदान में चल रही फिल्मी सितारों वाली रामलीला में विजयादशमी पर रावण दहन हुआ। भगवान राम ने बाणों से रावण का वध कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद भक्तों ने जय श्री राम के नारे लगाए। 40 फुट लंबे रावण के पुतले का दहन किया गया। शनिवार को भगवान राम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन हो गया।