दो दिन से नहीं आया कोयला, पांचवी यूनिट भी बंद होने के कगार पर

दो दिन से नहीं आया कोयला, पांचवी यूनिट भी बंद होने के कगार पर

रायबरेली। कोल इंडिया की कोयला खदानों में पानी भरने से कोयले की आपूर्ति ठप है। इस वजह से 1450 मेगावाट की ऊंचाहार एनटीपीसी (NTPC) में बिजली का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दो यूनिट बंद हैं और एक यूनिट पर बंदी का खतरा मंडरा रहा है। वहीं उत्तरी ग्रिड पर भी संकट के …

रायबरेली। कोल इंडिया की कोयला खदानों में पानी भरने से कोयले की आपूर्ति ठप है। इस वजह से 1450 मेगावाट की ऊंचाहार एनटीपीसी (NTPC) में बिजली का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दो यूनिट बंद हैं और एक यूनिट पर बंदी का खतरा मंडरा रहा है। वहीं उत्तरी ग्रिड पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

कोयले के अभाव के चलते बिजली उत्पादन में  भारी गिरावट से उत्तरी ग्रिड से जुड़े राज्यों में बिजली का संकट गहरा गया है। उत्तर प्रदेश में हाल यह है कि गांवों में आठ घंटे, तहसीलों में चार घंटे और नगर क्षेत्रों में दो घंटे की अतिरिक्त बिजली कटौती हो रही है। कोयला न होने के बाद से एनटीपीसी ऊंचाहार की दो यूनिट बंद हैं तो तीसरी बंद होने की कगार पर है।

एनटीपीसी में कोयला भंडारण शून्य है जिस कारण बीते बुधवार को पांच नंबर यूनिट को बंद किया गया था। वहीं रविवार को दो नंबर यूनिट बंद कर दी गई। कोयले की आपूर्ति बहाल करने के लिए एनटीपीसी और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका है। ऊंचाहार एनटीपीसी का बिजली उत्पादन 1450 मेगावाट से घटकर 500  मेगावाट रह गया है।

दो दिन से नहीं आई मालगाड़ी

ऊंचाहार परियोजना को एक सप्ताह से दो मालगाड़ी कोयला मिल रहा था जबकि पूरी यूनिट चलाने के लिए आठ से दस मालगाड़ी कोयले की जरूरत है। शनिवार और रविवार को एक भी मालगाड़ी नहीं आयी। इसके चलते एनटीपीसी के भंडारण में रखा 18 हजार मीट्रिक टन कोयला खत्म हो गया।

अधिकारियों ने भेजी रिपोर्ट

एनटीपीसी ऊंचाहार से झारखंड कोयला खदानों पर बातचीत के लिए भेजे गए अधिकारियों के दल ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसके अनुसार कोयला संकट बना रहेगा। सूत्रों के मुताबिक बरसात अधिक होने से कोयला खदानों में पानी भरा हुआ है और खनन बंद है।

ग्रिड नियंत्रक ने बनाया दबाव

एनटीपीसी ऊंचाहार से बिजली देश के 8 राज्यों को आपूर्ति की जाती है। यह बिजली उत्तरी ग्रिड के जरिए जाती है ।उत्तर प्रदेश , उत्तराखंड , राजस्थान , हिमाचल प्रदेश , हरियाणा , दिल्ली , पंजाब , जम्मू कश्मीर में बिजली उत्पादन घटने और बिजली की मांग बढ़ने के कारण ग्रिड नियंत्रक ने भी विद्युत परियोजनाओं पर दबाव बनाया है ।

पांचवी यूनिट का उत्पादन 50 फीसद के नीचे

कोयला न होने से एनटीपीसी की पांचवी यूनिट का उत्पादन 50 फीसद रह गया है। इस कारण इस यूनिट की बंदी के आसार बढ़ गए हैं।एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी कोमल शर्मा ने बताया कि कोयले की समस्या है। किसी तरह कोयले की आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।