लखनऊ: डकैती के तीसरे दिन एसपी ग्रामीण ने फॉरेंसिक टीम के साथ की पड़ताल

लखनऊ। माल के फूलतारा गांव में रविवार रात हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने डकैती करने के दौरान तीन परिजनों को घायल कर दिया था। जिनका अभी भी ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। माल पुलिस चोरी की घटना बताकर मामले दबाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि सोशल मीडिया पर मामला वायरल …
लखनऊ। माल के फूलतारा गांव में रविवार रात हथियारों से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने डकैती करने के दौरान तीन परिजनों को घायल कर दिया था। जिनका अभी भी ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। माल पुलिस चोरी की घटना बताकर मामले दबाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद पुलिस ऐसा नहीं कर सकी।
मामला सोशल मीडिया में छाने के बाद एसपी ग्रामीण गांव पहुंचे। उनके साथ मौजूद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमें बनाई गई हैं। बदमाशों की तलाश में यह टीमें लखनऊ के आसपास के जिलों में भेजी गई हैं।
फूलतारा गांव निवासी विजय कुमार गौतम के घर रविवार रात आधा दर्जन बदमाशों ने घर की खिड़की के रास्ते प्रवेश कर जीने से छत के रास्ते घर में पहुंचकर मुख्य दरवाजा खोला ही था कि विजय कुमार की नींद खुल गयी और वह बांका लेकर डकैतों से भिड़ गया था। हालांकि डकैतों ने उससे बांका छीनकर उसे लहूलुहान कर दिया था। उसकी पत्नी रीना और बेटी सुरेखा ने भी इस डकैती का विरोध किया। जिसके बाद बदमाशों ने हमला कर उन्हें भी मरणासन्न कर दिया था।
तीन परिजनों को लहूलुहान करने के बाद डकैतों ने घर में मौजूद बहु सुभाषिनी से घर की चाभी मांगी थी। जब उसने विरोध किया तो डकैतों ने लॉकर तोड़कर उसमें रखे साढ़े पांच लाख के सोने चांदी के जेवर और करीब 50 हजार की नगदी लूट ली थी। डकैती के दौरान ही विजय का आठ साल का बेटा डकैतों के चंगुल से निकलकर भाग गया था। उसी ने मामले की जानकारी ग्रामीणों का दी थी। ग्रामीणों के आने की आहट सुनकर ही डकैत मौके से भाग गए थे। उसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटनास्थल पर पहुंची माल पुलिस ने ही घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था।