बरेली: कटे संयोजनों पर लाखों रुपये की आरसी काटी फिर हुआ खेल

बरेली, अमृत विचार। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों का बड़ा खेल सामने आया है। जिन विद्युत संयोजनों को वर्षों से पहले खुद अधिकारियों ने कटवा दिया था। उन्हीं संयोजनों पर उपभोक्ताओं की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) कटवा दी और लाखों रुपये के राजस्व वसूली के लिए आरसी जिला संग्रह कार्यालय भी भेज दीं। संग्रह कार्यालय …
बरेली, अमृत विचार। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों का बड़ा खेल सामने आया है। जिन विद्युत संयोजनों को वर्षों से पहले खुद अधिकारियों ने कटवा दिया था। उन्हीं संयोजनों पर उपभोक्ताओं की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) कटवा दी और लाखों रुपये के राजस्व वसूली के लिए आरसी जिला संग्रह कार्यालय भी भेज दीं। संग्रह कार्यालय ने अमीनों के जरिए राजस्व वसूली की तैयारी कर ली। इस बीच विद्युत के ही उपखंड अधिकारियों की ओर से तहसीलदारों को चिट्ठी जारी कर यह बताया गया कि इनका संयोजन पूर्व में काटा जा चुका है। इनके ऊपर कोई भी धनराशि बकाया नहीं है।
करीब 5.14 लाख रुपये से अधिक की चार आरसी काटी गयीं थीं। विद्युत निगम का खेल सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हैं। सवाल यह खड़ा है कि जब संयोजन कट चुका है तो आरसी क्यों जारी की गयी? या फिर साठगांठ कर बकाया धनराशि जेब में चली गयी। इसमें वीरपाल पुत्र मेहरबान के नाम 69877 रुपये, रमनपाल सिंह पुत्र सदन सिंह के नाम 342433 रुपये, राजवती के नाम 38659 रुपये और सरस्वती देवी पत्नी श्रीराम गुप्ता के नाम 63052 रुपये की आरसी काटी गयीं। फतेहगंज पूर्वी, फरीदपुर बरेली के उपभोक्ता हैं। इधर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय की ओर से विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर को गफलत को लेकर कड़ी चिट्ठी लिखी गयी है।
गलत नाम पते पर 2.75 करोड़ रुपये की काट दीं आरसी
विद्युत उपभोक्ताओं से बकाया वसूली को लेकर अधिकारी सजग नहीं हैं। अधिशासी अभियंताओं के कार्यालयों से ज्यादा बकाया होने वाले उपभोक्ताओं की जो आरसी काटी जा रही हैं, उनमें बड़े झोल हैं। जारी होने वाली आरसी में यह नहीं देखा जा रहा है कि उस पर उपभोक्ता का नाम पता सही दर्ज है या नहीं। अधिकारी आरसी काटकर राजस्व वसूली के प्रयास करने की सिर्फ खाानपूर्ति कर रहे हैं।
उनकी इसी लापरवाही से जिला संग्रह कार्यालय से जुड़े अमीनों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। हाल ही में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने करीब 2.75 करोड़ रुपये की आरसी काट जिला संग्रह कार्यालय भेजीं लेकिन इनमें एक पर भी उपभोक्ता का नाम और पता सही दर्ज नहीं है। अमीनों ने आरसी पर दर्ज पते पर उपभोक्ता को ढूंढा तब यह झोल उजागर हुआ। थक हारकर अमीन ने तहसीलदारों को स्थिति से अवगत कराया। तहसीलों से उन आरसी को वापस जिला संग्रह कार्यालय भेजा गया।
शुक्रवार को जिला संग्रह कार्यालय प्रभारी शेरपाल ने मामले से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय से अवगत कराया। गलत नाम पते की आरसी जारी करने के संबंध में चीफ इंजीनियर को चिट्टी लिखी गयी है। उन्हें आरसी में नाम पते सही दर्ज कराकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।