पीलीभीत: नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ठगे, हवालात दिखी तो जालसाज ने स्वीकारी रकम, मांगा समय

हताश परिवार न्याय की आस लिए भटक रहा था कि जालसाज हत्थे चढ़ गया।

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पीलीभीत, अमृत विचारनौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने वाले जालसाज पर कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। हताश परिवार न्याय की आस लिए भटक रहा था कि जालसाज हत्थे चढ़ गया। उसे खुद ही परिवार वाले पकड़कर कोतवाली ले गए। वहां देर रात तक पंचायत चलती रही। फिर खुद को घिरता देख जालसाज ने न सिर्फ रकम स्वीकारी बल्कि लौटाने के लिए एक से डेढ़ माह का समय मांगते हुए लिखित में आश्वासन तक दे दिया।

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शहर के मोहल्ला बाग गुलशेर खां की रहने वाली आशा रस्तोगी के पति अनूप की मौत हो चुकी है। एकता नगर के एक व्यक्ति का उनके यहां आना जाना था। उसने बेटे की जल निगम में नौकरी लगवाने का झांसा दिय और दो बार में डेढ़ लाख रुपये ठग लिए थे। बेटे की जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ।

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इस दौरान उन्होंने रकम वापस मांगना शुरू कर दिया। जालसाज लगातार टरकाता रहा। एसपी, राज्यमंत्री तक शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। एक दरोगा की भूमिका पर महिला ने सवाल खड़े किए थे। गुरुवार को महिला के परिवार के सदस्यों को जालसाज मिल गया।

जिसके बाद वह उसे पकड़कर पुलिस के पास ले गए। फिर दोनों पक्षों के बीच कोतवाली में देर रात तक पंचायत चलती रही। महिला ने बताया कि आरोपी ने रकम स्वीकार कर ली है। उसने रुपये लौटाने के लिए कुछ समय मांगा और फिर लिखित में रुपये लौटाने की बात लिखकर दे दी है।

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