बरेली: प्रयोगात्मक और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन

बरेली: प्रयोगात्मक और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन

बरेली, अमृत विचार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने स्नातक की परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद का घेराव किया। छात्र स्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षाएं और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं न कराने की मांग कर रहे थे। परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति …

बरेली, अमृत विचार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने स्नातक की परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद का घेराव किया। छात्र स्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षाएं और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं न कराने की मांग कर रहे थे।

परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से वार्ता के बाद समस्या के हल की बात कही तो उसके बाद सभी कुलपति दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। काफी हंगामा होने पर कुलपति आए और छात्रों को आश्वासन दिया लेकिन इसके बाद भी छात्र नहीं माने। एक बार फिर से अधिकारियों ने छात्रों के साथ बैठक की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया और आश्वासन दिया कि परीक्षा में उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। सछास व अन्य छात्र संगठनों ने प्रश्नपत्र का प्रारूप जारी होने को सही बताया है।

एबीवीपी ने 28 जून को विश्वविद्यालय में पूर्व परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार का घेराव कर इस संबंध में मांग की थी लेकिन कोई हल नहीं निकला। छात्रों ने 1 जुलाई को फिर से घेराव की चेतावनी दी। गुरुवार को काफी संख्या में छात्र परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद के पास पहुंचे और पूर्व में की गई मांगें रखीं। छात्रों ने कहा कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित न करायी जाएं। द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं सिर्फ उन्हीं प्रश्नपत्रों की कराई जाएं, जिनके प्रश्नपत्र प्रथम वर्ष में नहीं हुए थे।

परीक्षा नियंत्रक ने परीक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों से इस बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि परीक्षा समिति में परीक्षाओं और प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद उन्हें शासनादेश भी बताया गया। परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया जब छात्र कुलपति दफ्तर के बाहर नारेबाजी कर रहे थे तो अंदर कुलपति वीडियो कांफ्रेंसिंग में थे। इस दौरान मौके पर चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्य, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर एके सिंह, सुरक्षा प्रभारी सुधांशु व अन्य पहुंच गए।

उन्होंने 10 छात्रों को अंदर आकर वार्ता करने के लिए कहा लेकिन छात्र नहीं माने तो कुलपति बाहर आ गए। उसके बाद छात्रों ने समस्याएं रखीं तो उन्होंने छात्रों के हित में परीक्षाएं आयोजित कराने की बात कही। छात्र कुछ घंटे में निर्णय की मांग कर फर्श पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। उसके बाद कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कुलपति सभागार में बैठक हुई। जिसमें पूरी स्थित से छात्रों को अवगत कराया गया।