सत्ता में आने पर असम में सीएए खत्म करने के लिए बनेगा कानून: राहुल

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) देशवासियों पर घातक हमला है और उनकी पार्टी असम विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर इस कानून को लागू नहीं होने देगी। राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि सीएए असम पर आक्रमण है, भाषा …
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) देशवासियों पर घातक हमला है और उनकी पार्टी असम विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर इस कानून को लागू नहीं होने देगी।
राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि सीएए असम पर आक्रमण है, भाषा पर, विचार पर, इतिहास पर, संस्कृति पर आक्रमण करने का माध्यम है। यह हम कभी होने नहीं देंगे। सरकार बनाने के बाद हम असम में कानून बनाएंगे और सीएए को लागू नहीं होने देंगे। यह कानून असम की संस्कृति, इतिहास और वहां के लोगों की सोच के प्रतिकूल है। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्र में जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से लेकर आज तक चाय बागान मजदूरों सहित करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों के लिए कुछ भी नहीं किया गया। उनका कहना था कि आज जब असम विधानसभा के चुनाव करीब हैं तो मोदी सरकार चाहती है कि लोग उनकी बातों पर विश्वास करें। उन्होंने पूछा कि चाय बाग़ान मज़दूरों समेत करोड़ों दिहाड़ी मज़दूरों के आँसू पोंछने के लिए केंद्र सरकार ने क्या किया।
आज ख़राब मौसम की वजह से आप सब के बीच नहीं पहुँच पाया लेकिन मेरा और महाजोत का संदेश साफ़ है- असम को 5 गैरंटी से उन्नति और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाएँगे।
इस उद्देश्य के लिए आप महाजोत को भारी मतों का समर्थन दें।#Elections2021 pic.twitter.com/A9b2zRdZtT
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 30, 2021
राहुल गांधी ने कहा कि जुमलों और प्रगति का आपस में कोई सम्बंध नहीं है-जनता ये समझ गयी है। हमने छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश में स्पष्ट किया था कि हम जो वादे करेंगे, उन वादों को पूरा करके दिखायेंगे; ये वादे खोखले नहीं होंगे। छत्तीसगढ़ में हमने कर्ज माफी करके दिखाई।
उन्होंने नोटबंदी को लेकर भी सरकार हमला किया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी और जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को समझ लेना चाहिए कि सबकी जेब से पैसा निकाल कर अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती है।