रविचंद्रन अश्विन ने कहा- टर्न ही सब कुछ नहीं था, चालाकी से निकाले विकेट

चेन्नई। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने चेपॉक की पिच से मिल रहे टर्न के बूते ही नहीं बल्कि ‘गति और चालबाजी’ से भी इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में विकेट हासिल किये। पिच को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है तथा पूर्व दिग्गजों जैसे शेन वार्न और माइकल …
चेन्नई। भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने चेपॉक की पिच से मिल रहे टर्न के बूते ही नहीं बल्कि ‘गति और चालबाजी’ से भी इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में विकेट हासिल किये। पिच को लेकर काफी चर्चाएं हो रही है तथा पूर्व दिग्गजों जैसे शेन वार्न और माइकल वान ने सोशल मीडिया पर आपस में भिड़ गये थे जबकि इंग्लैंड के सहायक कोच ग्राहम थोर्प ने इसे चुनौतीपूर्ण करार दिया।
? in the second innings
8⃣ wickets in the match@ashwinravi99 is the well-deserved Man Of The Match in the 2nd @Paytm #INDvENG Test for his incredible all-round performance at Chepauk. ?? #TeamIndia pic.twitter.com/5v0FhxfwB1— BCCI (@BCCI) February 16, 2021
अश्विन को मैच में 96 रन देकर आठ विकेट लेने और भारत की दूसरी पारी में शतक जमाने के लिये मैन ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पिच को लेकर चल रही चर्चा को खास तवज्जो नहीं दी। अश्विन ने भारत की 317 रन से जीत के बाद कहा, ”लोग जितना बाहर बैठकर भविष्यवाणी कर रहे हैं, मुझे लगता है जो गेंद ज्यादा टर्न कर रही थी उससे विकेट नहीं मिल रहे थे। यह बल्लेबाजों की मानसिकता थी जिसके कारण हमें विकेट मिले। ”
उन्होंने कहा, ”मैं वर्षों से यहां खेल रहा हूं और हमें विकेट गति और चालबाजी से मिले। अपने इरादे मजबूत रखना बेहद महत्वपूर्ण था। ” अश्विन ने कहा कि उन्होंने घरेलू दर्शकों के सामने मैच का पूरा लुत्फ उठाया क्योंकि वह घरेलू परिस्थितियों से अवगत थे।
Thank you, Chennai ??#TeamIndia #INDvENG pic.twitter.com/3AOPyyD7h2
— BCCI (@BCCI) February 16, 2021
उन्होंने कहा, ”पिच जिस तरह से व्यवहार कर रही हो उसमें हर तरीका भिन्न परिणाम देता है। मैंने अलग तरीके से कोशिश की। हवा का उपयोग किया, गेंद छोड़ने के लिये विभिन्न कोण का उपयोग किया। रन अप में अपनी तेजी से काम लिया। यह मेरे लिये कारगर रहा क्योंकि मैंने इस पर काम किया था। ” अपने 400वें विकेट से महज छह विकेट दूर इस 34 वर्षीय गेंदबाज ने कहा, ”पहले मैच की तुलना में विकेट काफी भिन्न था। यह लाल मिट्टी वाला विकेट था जबकि पहला बजरी वाला विकेट था। ”
भारत की दूसरी पारी में अपना पांचवां टेस्ट शतक बनाने के बारे में अश्विन ने कहा, ”गेंदबाजों पर दबाव बनाना बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि अगर आप उन्हें हावी होने का मौका देते हो तो उनके लिये चीजें आसान हो जाएंगी। ” उन्होंने कहा, ”मैं उन लोगों में शामिल हूं जो कड़ी मेहनत करते हैं और जब चीजें अनुकूल न हों तो मैं और कड़ी मेहनत करता हूं।” अश्विन ने कहा कि बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ और उप कप्तान अजिंक्य रहाणे की सलाह उनके काफी काम आयी। उन्होंने कहा, ”विक्रम राठौड़ का रवैया बेहद सहयोगी रहा।
अजिंक्य रहाणे ने भी अहम भूमिका निभायी। सिडनी टेस्ट की पारी ने वास्तव में मेरे लिये लय बनायी।” अपने पदार्पण मैच में इंग्लैंड की दूसरी पारी में 60 रन देकर पांच विकेट लेने वाले अक्षर पटेल ने कहा, ”यह अच्छा अनुभव रहा। पदार्पण मैच में पांच विकेट लेना विशेष रहा। इस पिच पर अपनी गति में बदलाव करना जरूरी था और मैंने यही किया। बल्लेबाजों को गलती के लिये मजबूर किया। पहले दिन से टर्न मिल रहा था इसलिए मैंने सही लाइन व लेंथ से गेंदबाजी की और उसका मुझे फायदा मिला। ”
इंग्लैंड की दूसरी पारी में दो विकेट लेने वाले बायें हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने स्वीकार किया कि पिछले दो साल में टेस्ट मैच नहीं खेलने के कारण वह दबाव महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, ”मैंने सही क्षेत्र में गेंदबाजी करने और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने को लेकर अश्विन से चर्चा की थी। हम आस्ट्रेलिया श्रृंखला से ही इस श्रृंखला की तैयारी कर रहे थे।”