दस साल बाद दिल्ली में हॉकी की वापसी, विश्व चैम्पियन जर्मनी से बदला चुकता करने के इरादे से उतरेगी भारतीय टीम... खलेगी हार्दिक सिंह की कमी  

दस साल बाद दिल्ली में हॉकी की वापसी, विश्व चैम्पियन जर्मनी से बदला चुकता करने के इरादे से उतरेगी भारतीय टीम... खलेगी हार्दिक सिंह की कमी  

नई दिल्ली। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर दस साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी और विश्व चैम्पियन जर्मनी के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में बुधवार को ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम ओलंपिक सेमीफाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने के इरादे से उतरेगी। दिल्ली में 2013 से अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच नहीं खेला गया है। आखिरी बार 2014 में हीरो विश्व लीग फाइनल यहां हुआ था हालांकि यदा कदा अंतर विभागीय मैच होते रहते हैं ।हाल ही में महिला अंतर विभागीय राष्ट्रीय चैम्पियनशिप भी खेली गई। दुनिया की दूसरे नंबर की टीम और पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता जर्मनी के खिलाफ दोनों मुकाबले इस मैदान पर हॉकी की वापसी को यादगार बनाने का दम रखते हैं।

 सूत्रों के अनुसार एक निजी टिकट पोर्टल पर 12000 से अधिक प्रशंसकों ने मुफ्त टिकट के लिये रजिस्ट्रेशन करा लिया है । नेशनल स्टेडियम की क्षमता 16400 दर्शकों की है । तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है। पेरिस में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम सेमीफाइनल में करीबी मुकाबले में जर्मनी से 2 . 3 से हार गई थी । हरमनप्रीत सिंह ने टेस्ट श्रृंखला की घोषणा के बाद कहा था, यह श्रृंखला दो टीमों के बीच मुकाबला ही नहीं है बल्कि दिल्ली में हॉकी की वापसी भी है । हमें उम्मीद है कि इससे ज्यादा से ज्यादा युवा हॉकी के प्रति आकर्षित होंगे।

मौजूदा विश्व चैम्पियन जर्मनी को हराना आसान नहीं है जिसने नीदरलैंड के खिलाफ पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक का मुकाबला शूटआउट तक खींचा था । रैंकिंग में जर्मनी दूसरे और भारत पांचवें स्थान पर है लेकिन आधुनिक हॉकी में शीर्ष पांच टीमें कभी भी एक दूसरे को हराने का माद्दा रखती हैं । दोनों टीमों के बीच पिछले पांच में से तीन मुकाबले भारत ने जीते हैं । पेरिस ओलंपिक के बाद सितंबर में भारत ने मेजबान चीन को 1 . 0 से हराकर पांचवीं बार एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीती। भारत के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है चूंकि कोच क्रेग फुल्टोन की नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर है। 

डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर वरूण कुमार टीम में लौटे हैं जो एक जूनियर वॉलीबॉल खिलाड़ी के यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण बाहर थे। उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। भारत को मिडफील्ड में हार्दिक सिंह की कमी खलेगी जो पेरिस ओलंपिक में लगी चोट से उबर नहीं सके हैं। फुल्टोन ने मिडफील्डर राजिंदर सिंह और स्ट्राइकर आदित्य अर्जुन लालगे को पदार्पण का मौका दिया है। मिडफील्ड की कमान अनुभवी मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और ललित उपाध्याय संभालेंगे। फॉरवर्ड पंक्ति में मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह, अभिषेक और दिलप्रीत सिंह हैं। पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद कृशन बहादुर पाठक और सूरज करकेरा गोलकीपिंग का जिम्मा संभाल रहे हैं। 

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