बरेली: पति ले रहे मुफ्त का राशन...पत्नियां विधवा पेंशन, सत्यापन में पकड़ी गई बड़े पैमाने पर धांधली

बरेली, अमृत विचार। ऐसे तमाम लोग राशन कार्ड के लिए बरसों से मारे-मारे घूम रहे हैं, गरीबी की वजह से जिनके घरों में चूल्हा नहीं जल पाता लेकिन जो लोग अच्छी-खासी हैसियत होने के बावजूद सरकारी योजनाओं का जमकर लाभ उठा रहे हैं, उनकी भी संख्या कम नहीं है।
पूर्ति विभाग ने सत्यापन करने के बाद तमाम ऐसे दंपती चिह्नित किए हैं जिनमें तो पति के नाम मुफ्त का राशन घर में आ रहा है और पत्नी के नाम विधवा पेंशन। कई आयकरदाता और पांच-पांच एकड़ जमीन के मालिक भी मुफ्त का राशन खा रहे हैं।
आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से सभी जिलों के पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए गए थे कि दुकानवार सूची का सत्यापन कराकर संदिग्ध और मृत लाभार्थियों को चिह्नित किया जाए। इसके बाद आयकरदाताओं, गेहूं-धान बेचने वाले किसानों और विधवा पेंशन पाने वाली महिलाओं की सूची के आधार पर सत्यापन किया गया तो हैरतअंगेज जानकारी सामने आई। सत्यापन में पता चला कि जिले में 1170 ऐसे परिवारों के राशन कार्ड हैं जिनमें कोई न कोई सदस्य आयकरदाता है।
कई ऐसी महिलाओं को भी चिह्नित किया गया जिनके पति के नाम मुफ्त का राशन आ रहा है और वे खुद विधवा पेंशन ले रही हैं। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए जिनमें पति की मौत के बाद भी उसी के नाम राशन कार्ड चल रहा है। उन किसानों को भी इस सत्यापन में चिह्नित किया गया है जिन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत सरकारी केंद्रों पर धान और गेहूं बेचने के दौरान अपने स्वामित्व की जमीन दो हेक्टेयर यानी पांच एकड़ से ज्यादा दिखाई है।
अब खाद्य आयुक्त ने जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह को संदिग्ध राशनकार्ड धारकों का एक महीने के अंदर सत्यापन कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पूर्ति निरीक्षकों की बैठक में तय होगी योजना
संदिग्ध राशन कार्ड धारकों का ब्योरा मिलने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने शुक्रवार को जिले के सभी पूर्ति निरीक्षकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पूर्ति निरीक्षकों को युद्ध स्तर पर सूची में शामिल संदिग्ध लोगों के सत्यापन और कार्रवाई करने के बारे में निर्देश जारी किए जाएंगे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अपात्रों के राशन कार्ड खारिज होने के बाद पूर्ति विभाग में लंबित पात्रों के आवेदनों पर राशन कार्ड बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
संदिग्ध राशनकार्ड धारकों का जो ब्योरा मिला है, उसका सत्यापन कराकर यूनिट और राशन कार्ड खारिज किए जाएंगे। अगर कोई महिला विधवा पेंशन हासिल कर रही है और उसके पति के नाम राशन कार्ड है तो उसे खारिज किया जाएगा। -नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी