सुलतानपुर: कार्यालय से अधिकारी गायब, धरने पर बैठे शिक्षक, नहीं मिला है 17 महीने का वेतन
बोर्ड परीक्षा जैसा महत्वपूर्ण कार्य चल रहा प्रभावित, तदर्थ शिक्षक कर रहे डीआईओएस कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन

सुलतानपुर, अमृत विचार। तदर्थ शिक्षक संयुक्त मोर्चा के द्वारा 17 माह के वेतन भुगतान के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में क्रमिक अनशन का पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। शिक्षकों का आरोप है कि डीआईओएस कार्यालय का ताला खुला है फिर भी जिविनि और लेखाधिकारी अपने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ लगातार गायब है। जबकि, अधिकारियों का आरोप है कि आंदोलनकारी शिक्षक धमकी दे रहे हैं, इसलिए दूसरे कार्यालयों में बैठकर कामकाज निपटाया जा रहा है।
16 दिसंबर को एडीएम प्रशासन पंकज कुमार सिंह ने तदर्थ शिक्षक संयुक्त मोर्चा को आश्वासन दिया था कि सोमवार को जिला भी जिला विद्यालय निरीक्षक और सीडीओ की वार्ता की बाद वेतन निर्गत कर दिया जाएगा। तदर्थ शिक्षक संयुक्त मोर्चे के प्रतिनिधि सोमवार को विकास भवन में उपस्थित हुआ और सीडीओ द्वारा स्पष्ट कहा गया था कि जिलाधिकारी के द्वारा शाम तक अपर मुख्य सचिव माध्यमिक से वार्ता करके भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभी तक प्रदेश के कई जनपदों में तदर्थ शिक्षकों के अवशेष का भुगतान कर दिया गया। किंतु, जनपद में 17 माह का अवशेष वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिसके बाद तदर्थ शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा निर्णय लिया गया कि शासनादेश के अनुसार शिक्षकों का अवशेष वेतन भुगतान तत्काल न किए जाने के कारण अनवरत धरना चलता रहेगा।
शासनादेश की अवहेलना कर रहे अधिकारी
आंदोलनकारी शिक्षकों का कहना है कि शासन के पत्र में स्पष्ट किया है कि जिनका विनियमितिकरण नहीं किया गया है, शासन ने इनकी सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया है। शासनादेश के इस आदेश को डीआईओएस द्वारा तत्काल क्रियान्वित करते हुए दिनांक 10 दिसंबर को पत्र जारी कर दिया जाता है कि तदर्थ नियुक्तियों को समाप्त करने का निर्णय लिया जाता है। किंतु शासनादेश का अगला पैरा तदर्थ शिक्षकों में से वैसे तथा शिक्षक जिनका वेतन भुगतान सर्वोच्च न्यायालय में योजित सिविल अपील संख्या 8300/2016 संजय सिंह व अन्य नाम उत्तर प्रदेश राज्य सरकार व अन्य में पारित आदेश 26 अक्टूबर तक होता रहा है।
उक्त आदेश दिनांक 26 अक्टूबर 2020 के कारण प्रभावित अथवा अवरुद्ध हुआ है के अवशेष वेतन का भुगतान शासनादेश निर्गत होने की तिथि तक किए जाने की स्वीकृति एतद द्वारा इस शर्त के अधीन प्रदान की जाती है कि उक्त तिथि तक उनके द्वारा की गई तदर्थ सेवाएं सभी तत्वों से प्रमाणित व सत्यापित हों। शासनादेश के इस स्पष्ट पैरा को लागू करने में जिला विद्यालय निरीक्षक और लेखा अधिकारी को क्या समस्या आ रही है।
जानबूझकर लटकाया जा रहा वेतनः संजय
संयुक्त मोर्चा के संयोजक संजय सिंह ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक के द्वारा विद्यालयों से वेतन बिल मंगवाया गया। ग्रांट भी मंगवाई गई और जिला विद्यालय निरीक्षक रात्रि के आठ बजे तक बैठकर के वेतन बिल तैयार करवाते हैं, ट्रेजरी भिजवाने के लिए। किंतु अगले ही दिन वेतन बिल रोक दिया जाता है। प्रशासन से और सरकार से हम लोग आशा करते हैं कि शीघ्र ही शिक्षकों का भुगतान कराया जाए, क्योंकि शिक्षकों ने कार्य किया है। भुगतान तो सरकार को देना ही पड़ेगा।
तदर्थ शिक्षक संयुक्त मोर्चा के क्रमिक अनशन में शिवनंदन यादव, संजय सिंह, रमेश वर्मा, अरविंद सिंह, सुनील सिंह, कुलदीप सिंह, रणधीर सिंह, विनोद, सूर्यभान, ओम प्रकाश, एसएन सिंह, मनोज वर्मा, पवन सिंह, राणा प्रताप सिंह, सर्वेश कांत वर्मा, डॉ अजय कुमार सिंह, रविन्द्र सिंह, देवेंद्र, प्रभाकर, सत्य नारायण, अविनाश यादव, केवी सिंह, उत्कर्ष सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे। वहीं, डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि जल्द ही शासन स्तर से कुछ निर्णय आ सकता है। शिक्षकों के आंदोलन से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है।