हरदोई : गलत इंजेक्शन लगने से हुई मौत मामले में एक साल बाद केस दर्ज 

एसएचओ कछौना को सौंपी गई दर्ज हुए मेडिकल एक्ट के केस की जांच

हरदोई : गलत इंजेक्शन लगने से हुई मौत मामले में एक साल बाद केस दर्ज 

हरदोई, अमृत विचार। कोर्ट के आदेश पर एक साल पहले इंजेक्शन लगते ही युवक की मौत होने के लिए ज़िम्मेदार ठहराए गए डाक्टर और कम्पाउंडर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कछौना पुलिस ने धारा 304-ए/352 और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15 के तहत केस दर्ज कर उसकी जांच शुरू कर दी है।

कछौना के पूर्वी बाज़ार निवासी भानू उर्फ कृष्ण कुमार पुत्र मन्नीलाल ने कोर्ट में दाखिल की अर्ज़ी में कहा था कि साल 2022 में 27 अक्टूबर को उसके 28 वर्षीय पुत्र अंकित देवाल के अचानक पेट में दर्द उठा,जिसे ले कर वह वहीं कस्बे में गौसगंज रोड पर डाक्टर नारायण हास्पिटल ले गया। वहां डा.देवेंद्र मोहन के कहने पर कम्पाउंडर रज्जन हंस पुत्र तेजपाल निवासी पतसेनी कछौना ने उसके निबोलाइज़र लगाया,उसके बाद डा.देवेंद्र मोहन ने अंकित को वेवरान इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, लेकिन उसे डाइक्लोफिक इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन लगते ही अंकित के शरीर में ऐंठन हुई और वहीं उसकी मौत हो गई। भानू उर्फ कृष्ण कुमार का कहना है कि कम्पाउंडर रज्जन हंस वहां से भाग निकला। 

डा.देवेंद्र मोहन ने हास्पिटल में रखे अंकित के शव को वहां से हटाने के लिए न सिर्फ दबाव बनाया बल्कि हाथापाई तक कर दी। कछौना पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। उसके बाद डीएम की ड्योढ़ी पर पहुंच कर सारा कुछ बताया, फिर भी कुछ नहीं हुआ। दौड़-दौड़ कर थक चुके भानू उर्फ कृष्ण कुमार ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सारा कुछ सुनने और समझने के बाद डा.देवेंद्र मोहन व कम्पाउंडर रज्जन हंस के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। कछौना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

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