Etawah News: कोटा बैराज से चंबल नदी में छोड़ा गया पानी, ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबत, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
इटावा में कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़ा गया।

इटावा में कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने भी सतर्कत बढ़ाई।
इटावा, अमृत विचार। राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। इस समय 8 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में चंबल के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक वृद्धि हुई है। चंबल नदी के किनारे के गांव में बाढ़ के पानी को लेकर खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है। चंबल नदी का चेतावनी बिंदु 119.800 और खतरे का निशान 120.800 मीटर है।
दो दिन पहले चंबल नदी में कोटा बैराज से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ गया है। जिसके चलते चंबल नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। इटावा में भी चंबल नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। इटावा में सोमवार को सुबह चंबल नदी का जलस्तर 106. 700 मीटर तक था, जो मंगलवार को शाम 5 बजे तक 108. 230 मीटर तक आ गया था। जलस्तर तकरीबन डेढ़ मीटर से अधिक बढ़ गया।
हालांकि सोमवार को इसके बढ़ने की रफ्तार हल्की थी। परंतु मंगलवार दोपहर से जलस्तर की रफ्तार में और वृद्धि हुई है यह रफ्तार पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। मंगलवार को शाम को ये रफ्तार 8 सेंटीमीटर प्रति घंटे के स्तर तक आ गई थी। अभी इस रफ्तार के और तेजी से बढ़ने की संभावना है। मध्य प्रदेश के भिंड जनपद में प्रशासन ने चंबल नदी के किनारे के गांव को के लोगों को सतर्क किया है।
केंद्रीय जल शक्ति आयोग के इटावा के चंबल नदी के सुपरवाइजर मनीष कुमार बताते हैं चंबल नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है फिलहाल आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इस समय जलस्तर बढ़ रहा है। वर्ष 2002 में आई बाढ़ से चंबल और यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में भारी तबाही हुई थी। इस बार भी अचानक चंबल में पानी बढ़ने से किनारे बसे करीब 15 गांवों के लोग भयभीत हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने गांवों के आसपास सतर्कता बढ़ा दी है। उदी क्षेत्र में प्रशासन ने बाढ़स चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं। नौ बाढ़ चौकियों के माध्यम से प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाये हुए है।