लखनऊ DM से उद्यमियों ने लगाई गुहार, औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव का मांगा समाधान
डीएम ने यूपीसीडा, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी को दिए समाधान के निर्देश
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लखनऊ, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक में उद्यमियों ने तालकटोरा, चिनहट व नरौना औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव का मुद्दा उठाया और जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार से समाधान मांगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां बजट नहीं है वहां औद्योगिक क्षेत्र के अंदर यूपीसीडा व बाहर नगर निगम और लोक निर्माण विभाग समस्याओं समाधान कराएं। इकाइयों की स्थापना के संबंध में निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम सुविधायें, स्वीकृतियां, अनापत्तियां, अनुमोदनादि उपलब्ध कराएं और प्रत्येक माह में दो बार उद्योग बंधु समिति की बैठक की जाए। नए उद्योग लगाने व विस्तारीकरण में कोई समस्या आती है तो उद्यमी बैठक का इंतजार न करे बल्कि डीसी डीआईसी से संपर्क कर निस्तारण कराएं।
उद्यमियों ने विद्युत कनेक्शन व लोड बढ़ाने की समस्या रखी, जिनका जिलाधिकारी ने फौरन निस्तारण करने को कहा। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
भूमि विवाद पर कराएं पैमाइश
उद्यमियों ने जिलाधिकारी को भूमि विवाद की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी उद्यमी का व्यक्तिगत खाता है तो भविष्य में विवाद से बचने के लिए भूमि की विधिक पैमाइश उप जिलाधिकारी न्यायालय में धारा 24 के अंतर्गत वाद दाखिल कराएं। 24 घंटे के अंदर प्रारंभिक पैमाइश का आदेश होगा। यदि किसी उद्यमी की भूमि मिंजुमला खाते में है तो इसके लिए उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा 116 के अंतर्गत बंटवारे का वाद दाखिल करें। इसमें खातेदारों का अंश निर्धारण कर बंटवारा किया जाएगा। गोयला औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने जिलाधिकारी को उत्तरधौना में रिक्त पड़ी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम नरौना में चोक नाली की मरम्मत व सफाई कराने को कहा।
297 लाख से सड़क व 900 लाख से बनेगा नाला
अमौसी, नादरगंज और सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के लिए उद्यमियों के अनुरोध पर जल निगम को एसटीपी का डीपीआर तैयार करने के लिए 50 लाख रुपये इस वर्ष 11 अप्रैल को दिए गए थे। इस क्रम में जुलाई में 4740.85 लाख का डीपीआर प्रस्तुत किया गया है। जिसमें कच्ची सड़कों का नवनिर्माण 297 लाख से किया जाएगा। तीनों क्षेत्र में 900 लाख से नाला निर्माण व मरम्मत कराई जाएगी। इन क्षेत्रों से गृहकर के रूप में प्राप्त 8,25,59,240 के 60 प्रतिशत धनराशि 4,95,35,544 लाख के अंतर्गत पुरानी निर्मित क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 443.91 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। धनराशि प्राप्त होने पर कार्य फौरन शुरू हो जाएंगे।
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