बिजनौर : गंगा पर पुल की अप्रोच टूटने से हस्तिनापुर-मेरठ मार्ग बंद, पुलिस ने वाहनों का संचालन रोका...एसडीएम ने किया निरीक्षण

पुल की टूटी अप्रोच को देखते लोग।
बिजनौर/ चांदपुर/अमृत विचार। मानसून की पहली बारिश में ही जलीलपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर गंगा नदी पर बने पुल की अप्रोच टूट गई। इसके चलते चांदपुर-हस्तिनापुर-मेरठ मार्ग बंद हो गया। एसडीम चांदपुर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर दोनों ओर के वाहनों का संचालन रोक दिया। पिछले वर्ष हुई नाव दुर्घटना के मद्देनजर गंगा नदी में पानी के उफान को देखते हुए फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी है।
सोमवार को चांदपुर व हस्तिनापुर को जोड़ने वाले भीमकुंड गंगा घाट पर बने पुल के अंतिम पिलर को जोड़ने वाली करीब 15 मीटर एप्रोच सड़क गंगा के उफान में समा गई। एहतियातन पुलिस ने दोनों ओर के वाहनों को रोकने के लिए बैरियर लगा दिए। पहाड़ पर लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रविवार को गंगा के पानी ने नारनौर (चांदपुर) के पास गंगा नदी पर बने पुल के अंतिम पिलर और अप्रोच रोड की ओर कटान करना शुरू किया था।
बता दें कि 31 अक्टूबर 2022 को गंगा नदी में आये तेज उफान के कारण पुल के निकट बनी 50 मीटर से अधिक अप्रोच कट कर पानी में बह गयी थी। जिससे बंद हुए चांदपुर, हस्तिनापुर ,मेरठ मार्ग को करीब पांच माह बाद तक भी दुरुस्त नहीं किया गया था।
स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद पीडब्ल्यूडी बिजनौर ने गंगा पुल के निकट टूटी एप्रोच रोड को पक्का और दोनों साइडों में क्रेटवाल व पीचिंग का कार्य कराया था। यहां दो दिन पूर्व ही क्रेटबाल बनाने, पिचिंग व रोड पक्की करने का कार्य पूरा हुआ था कि जनपद हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़े जाने के कारण हाल ही में बनकर तैयार हुई एप्रोच रोड, गंगा में बढ़े पानी के दबाव की वजह से धराशाई हो गई। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों व राहगीरों का कहना है कि यदि पीडब्ल्यूडी थोड़ी गंभीरता दिखाता तो यह महत्वपूर्ण रोड नहीं कटती और न ही मार्ग बंद होता। सोमवार सुबह एसडीएम चांदपुर रितु रानी ने अप्रोच का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
मेरठ जाने के लिए 60 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी
मेरठ के बड़ी संख्या में लोग बिजनौर के अनेक क्षेत्रों में नौकरी करते हैं। जलीलपुर से गंगा के पुल के रास्ते हस्तिनापुर और मेरठ की दूरी लगभग 60 किलोमीटर तक घट जाती है। वर्तमान परिस्थितियों में ऐसे लोगों को या तो अपने नौकरी वाले स्थान पर रहना पड़ेगा अथवा आने व जाने में 120 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
बसपा में हुई थी पुल निर्माण की घोषणा, योगी सरकार में हुआ था तैयार
बसपा शासन काल में अक्टूबर 2007 में गंगा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की गई थी। नवंबर 2008 में सर्वे कराकर कार्य प्रारंभ किया गया था। किन्हीं कारणों से पुल का निर्माण रोक दिया गया था, लेकिन बाद में सपा सरकार में 2015 में बजट मिलने पर पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। इसके बाद कई कारणों से पुल निर्माण कार्य फिर से रूक गया था। भाजपा की योगी सरकार में पुल की लंबाई बढ़ाकर दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया। 2020 में 840 मीटर लंबाई का पुल बनकर तैयार हुआ तो चांदपुर के लोगों को मेरठ जाना आसान हो गया था, इससे पूर्व वह बिजनौर मीरापुर के रास्ते मेरठ आवागमन कर पाते थे।
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