मानव तस्करी : सेंट्रल स्टेशन व झकरकटी बस अड्डे के भिखारी गैंग से जुड़ रहे तार

मानव तस्करी : सेंट्रल स्टेशन व झकरकटी बस अड्डे के भिखारी गैंग से जुड़ रहे तार

अमृत विचार, कानपुर । नौकरी की आस में भीख मांगने वाले गिरोह के चंगुल में फंसकर यातनाएं सहने वाले सुरेश मांझी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सेंट्रल स्टेशन व झकरकटी बस अड्डे में भी कई भिखारी गैंग सक्रिय है। जिसके कहीं न कहीं तार सुरेश मांझी से जुड़े भी बताए जा रहे है। …

अमृत विचार, कानपुर । नौकरी की आस में भीख मांगने वाले गिरोह के चंगुल में फंसकर यातनाएं सहने वाले सुरेश मांझी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सेंट्रल स्टेशन व झकरकटी बस अड्डे में भी कई भिखारी गैंग सक्रिय है। जिसके कहीं न कहीं तार सुरेश मांझी से जुड़े भी बताए जा रहे है। पुलिस की जांच में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

मूलरूप से बिहार के सिवान के गोरियाकोठी के पिपरा गांव निवासी रमेश मांझी कई सालों से छोटे भाई सुरेश के साथ में नौबस्ता के मछरिया में रहकर मजदूरी कर रहा है। करीब छह माह पहले गुलाबी बिल्डिंग के पास रहने वाले विजय नामक युवक ने सुरेश मांझी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर गोरखपुर ले जाने के लिए उसे अपने साथ लेकर झकरकटी बस अड्डे के पास एक महिला के घर ले गया।

जहां उसे बंधक बना लिया। इसके बाद उसकी आंख में केमिकल डाल दिया। जिससे उसकी आंखों की रोशनी जाती रही। बाद में उसे नई दिल्ली में राज नाम के आदमी को बेच दिया था। सुरेश भिखारी गैंग के चंगुल से मौका पाकर किसी तरह भाग निकला और कानपुर आ गया। पुलिस ने परिजनों की तरफ से विजय राज और एक अज्ञात महिला के खिलाफ अपहरण, मारपीट समेत संविधान संगीत धाराओं में मामला दर्ज कराया है।

दूसरी ओर कानपुर सेंट्रल से झकरकटी बस अड्डे समेत कई चौराहों पर भिखारी गैंग सक्रिय है जो महिलाएं, आदमी छोटे-छोटे बच्चों से भीख मंगवाते हैं। ऐसे ही टाटमिल, विजय नगर, फजलगंज, जरीब चौकी, रामादेवी जाजमऊ समेत कई चौराहों छोटे-छोटे बच्चे विकलांग युवक भी भीख मांग रहे हैं। अगर पुलिस जांच करें तो कहीं ना कहीं सुरेश मांझी जैसे कई और पीड़ित जो मानव तस्करों के चंगुल में फंसे हुए हैं। वह भी सामने आएंगे। उधर, कानपुर पुलिस मानव तस्करों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली रवाना हो गई है।

चंदा कर प्राइवेट अस्पताल में करा लेंगे इलाज

मानव तस्करों के चंगुल में फंसे सुरेश मांझी को पुलिस जब कांशीराम लेकर पहुंची जहां उसे इलाज नहीं मिला है। इसके बाद पुलिस हैलट व उर्सला अस्पताल के चक्कर लगाती रहीं। इसके बाद भी इलाज नहीं मिलने पर भाई रमेश मांझी गुस्से में सिस्टम को कोस रहा था। उसने कहा कि यहां से ले चलो, चंदा कर प्राइवेट अस्पताल में भाई का इलाज करा लेंगे।

यह भी पढ़ें:- लखनऊ :  मानव तस्करी कर जबरन देह व्यापार के लिए ले जाई नाबालिग लड़की रेस्क्यू