लेवाना होटल अग्निकांड : होटल मालिक पवन अग्रवाल को नहीं मिली राहत

लेवाना होटल अग्निकांड : होटल मालिक पवन अग्रवाल को नहीं मिली राहत

अमृत विचार, लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लेवान होटल अग्निकांड मामले में होटल मालिक पवन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तिथि नियत की है। मामले में फिलहाल पवन अग्रवाल को कोई राहत नहीं मिल सकी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल पीठ ने …

अमृत विचार, लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लेवान होटल अग्निकांड मामले में होटल मालिक पवन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तिथि नियत की है। मामले में फिलहाल पवन अग्रवाल को कोई राहत नहीं मिल सकी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल पीठ ने पवन अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में अभियुक्त के दो पुत्रों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, परिवार में कोई पुरूष सदस्य नहीं बचा है। अभियुक्त की ओर से यह भी दलील दी गई है कि वह 75 वर्ष का है और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित है, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की पुलिस को कोई आवश्यकता नहीं है।

वहीं पीड़ितों की ओर से पेश एक अधिवक्ता जीशान अल्वी के अनुसार अग्रिम जमानत का राज्य सरकार और पीड़ितों के अधिवक्ताओं द्वारा विरोध किया गया। बहस के दौरान कहा गया है कि नियमों को धता बताकर,बिना फ़ायर सेफ़्टी की उचित व्यवस्था किए और बिना आकस्मिक निकासी व प्रवेश की व्यवस्था किए होटल का संचालन अभियुक्तगणों द्वारा किया जा रहा था। उल्लेखनीय है कि मामले की रिपोर्ट हज़रतगंज के एसएसआइ दयशंकर द्विवेदी ने 5 सितम्बर को दर्ज कराई थी।

एफआईआर में कहा गया है कि होटल लेवाना सुइट्स में आग लग गई, जिस पर पुलिसकर्मी, फ़ायर फाइटर और एसडीआरएफ की काफ़ी मशक़्क़त के बाद आग ओर क़ाबू पाया गया, इस घटना में चार व्यक्तियो की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। एफआईआर में भी कहा गया है कि होटल मालिक और मैनेजर ने होटल में फ़ायर सेफ़्टी की कोई व्यवस्था नहीं की थी वही होटल से आकस्मिक निकास की कोई व्यवस्था नहीं थी।

यह भी पढ़ें:- होटल लेवाना अग्निकांड : होटल मालिक और जीएम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

ताजा समाचार