श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने की 37 मंत्रियों की नियुक्ति, गोटाबाया राजपक्षे के रिश्तेदार भी शामिल

कोलंबो। श्रीलंका में गुरुवार को 37 कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किये गए जिनमें पदच्युत राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और महिंदा राजपक्षे का भतीजा भी शामिल है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे द्वारा उठाए गए इस कदम को आर्थिक संकटग्रस्त श्रीलंका में स्थायी सरकार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। श्रीलंका वर्ष 1948 में ब्रिटेन से …

कोलंबो। श्रीलंका में गुरुवार को 37 कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किये गए जिनमें पदच्युत राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और महिंदा राजपक्षे का भतीजा भी शामिल है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे द्वारा उठाए गए इस कदम को आर्थिक संकटग्रस्त श्रीलंका में स्थायी सरकार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

श्रीलंका वर्ष 1948 में ब्रिटेन से आजादी प्राप्त करने के बाद सबसे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और देश की 2.2 करोड़ आबादी के लिए जरूरी सामान आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की कमी का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति द्वारा जिन्हें कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किया गया है या जिन सांसदों को मंत्री का दर्जा दिया गया है, उनमें से अधिकतर सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के हैं।

मंत्रियों ने ली शपथ

पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के कुछ सदस्यों को भी मंत्री बनाया गया है जिसने जुलाई में सरकार से अलग रहने का फैसला किया था। राष्ट्रपति के मीडिया प्रकोष्ठ ने बयान जारी कर बताया, ‘‘नए राज्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ ली।’’ रंजीत सियामबालापितिया और शिहन सेमासिंघे को वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई जबकि गोटाबाया और महिंदा राजपक्षे के भतीजे शशिंद्रा राजपक्षे को सिंचाई विभाग में नियुक्त किया गया है।

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