बहराइच: मेडिकल कॉलेज में नहीं सुधर रहीं व्यवस्थाएं, इलाज के लिए डॉक्टर के रूम में तड़पता रहा मरीज

बहराइच: मेडिकल कॉलेज में नहीं सुधर रहीं व्यवस्थाएं, इलाज के लिए डॉक्टर के रूम में तड़पता रहा मरीज

बहराइच। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीज काफी परेशान रहते हैं। गुरुवार को रूपईडीहा निवासी एक मरीज डॉक्टर के रूम में तड़प रहा था। लेकिन सुबह 11 बजने के बाद भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। मरीज फर्श पर ही तड़पता रहा। जबकि ओपीडी कक्ष के बाहर सैकड़ों मरीजों को भीड़ लगी रही। …

बहराइच। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मरीज काफी परेशान रहते हैं। गुरुवार को रूपईडीहा निवासी एक मरीज डॉक्टर के रूम में तड़प रहा था। लेकिन सुबह 11 बजने के बाद भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। मरीज फर्श पर ही तड़पता रहा। जबकि ओपीडी कक्ष के बाहर सैकड़ों मरीजों को भीड़ लगी रही।

मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डॉक्टर नदारद रहते हैं तो कहीं मवेशी ही मरीजों के बीच पहुंच रहे हैं। कुछ यही हाल गुरुवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में देखने को मिला। रूपईडीहा थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी निर्मल कुमार मिश्रा (50) की हालत काफी गंभीर थी।

निर्मल के बेटे सुबह 10 बजे फिजिशियन कक्ष के बाहर पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद एक घंटे बाद निर्मल को ओपीडी में प्रवेश मिला। इसके बाद डॉक्टर रूम में मरीज गया, लेकिन डॉक्टर प्रभाकर मिश्रा अपने रूम में मौजूद नहीं मिले। मरीज डॉक्टर के इंतजार में सैकड़ों की संख्या में बाहर खड़े रहे। वहीं डॉक्टर के रूम में मरीज फर्श पर ही दर्द से तड़पता रहा। लेकिन 11 बजने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। ऐसे में चाहे डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मामले का संज्ञान लें या और कोई। जिला चिकित्सालय की व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है।

100 पर्ची के बाद नहीं जमा कर रहे थे पर्चा

फिजिशियन ओपीडी में गुरुवार लगभग 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। लेकिन सिर्फ 100 लोगों का ही पर्चा जमा किया गया। जबकि अन्य लोग पर्चा जमा कराने के लिए परेशान रहे। लेकिन मौजूद लोग पर्चा नहीं जमा कर रहे थे। इस पर कुछ लोग प्राइवेट में दिखाने के लिए डॉक्टरों के यहां चले गए।

देखवा रहे मामला

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पहुंचने का समय सुबह आठ बजे है। राउंड के बाद ओपीडी में नौ बजे तक बैठ जाना था। क्यों सुबह 11 बजे डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे, इसकी जांच करा रहे हैं। -डॉक्टर एमएम त्रिपाठी सीएमएस।

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