उन्नाव: किसानों की खड़ी फसल को चर रहे आवारा गोवंश, अन्नदाता परेशान

उन्नाव। सरकार ने भले ही जनता को विश्वास दिलाया हो, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों की आय दुगनी का बीड़ा उठाया हो लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। आज भी खेतों में किसानों द्वारा हाड़तोड़ मेहनत कर तैयार की गई फसल का अन्ना गोवंश द्वारा सफाया किया जा रहा है। भयानक ठंड …
उन्नाव। सरकार ने भले ही जनता को विश्वास दिलाया हो, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों की आय दुगनी का बीड़ा उठाया हो लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। आज भी खेतों में किसानों द्वारा हाड़तोड़ मेहनत कर तैयार की गई फसल का अन्ना गोवंश द्वारा सफाया किया जा रहा है। भयानक ठंड में किसान रतजगा कर अपने खेत की रखवाली इस तरह कर रहा है जैसे बॉर्डर पर मिलिट्री फोर्स करती है।
कागजों में ही बन पाईं गोवंश के लिए गोशालाएं
तहसील बीघापुर क्षेत्र में सरकार ने लाखों रुपए गौशालाओं को भले ही दे दिया हो लेकिन अधिकाधिक गौशाला केवल कागजों पर ही बन कर रह गई। जमीनी स्तर पर कितना विकास हुआ कितनी गौशालाए बनी जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
हकीकत यह है कि दावा ठोंकने वाली सरकार आवारा जानवरों के प्रति व किसानों के प्रति तथा उनकी फसलों के प्रति कोई ठोस कदम नहीं उठा पायी है जो अत्यंत ही विचारणीय है। अगर निष्पक्ष जांच करा दी जाए तो तहसील बीघापुर क्षेत्र में ही ऐसी दर्जनों ग्राम पंचायतें निकलेगी जिसमें गौशाला को लेकर के फ़र्जदायगी ही की गयी। मानक के अनुसार काम नहीं हुआ है।
जिससे आवारा मवेशी रात के समय खड़ी फसल को चट कर जाते है। क्षेत्रीय किसानों को आवारा गोवंशों से बिल्कुल भी निजात न मिल सकी, स्थिति ज्यों की त्यों ही बरकार है, आज भी किसानों के हाल बेहाल है। पूरी रात किसान रतजगा कर अपनी फसलों की निगरानी करने को मजबूर है।
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