उत्तराखंड: चुनाव से छह दिन पहले भाजपा ने जारी किया घोषणा पत्र, सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का वादा

उत्तराखंड: चुनाव से छह दिन पहले भाजपा ने जारी किया घोषणा पत्र, सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का वादा

हल्द्वानी, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से महज छह दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को घोषणा पत्र जारी कर दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दृष्टि पत्र नाम से घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले सालों में उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का वादा किया …

हल्द्वानी, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव से महज छह दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को घोषणा पत्र जारी कर दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दृष्टि पत्र नाम से घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले सालों में उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का वादा किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए दृष्टि पत्र में विभिन्न विकास योजनाओं को भी शामिल किया गया है। भाजपा के घोषणापत्र जारी करने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नहीं पहुंच पाए।

विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर भाजपा ने खासकर युवाओं, महिलाओं और किसानों पर फोकस करते हुए घोषणा पत्र जारी किया है। गडकरी ने कहा कि काम किया है और करके दिखाएंगे।

भाजपा के घोषणा पत्र में उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं जुटाने के साथ ही ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं देने पर फोकस किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और कर्मचारी वर्ग को रिझाने के लिए घोषणा पत्र में एलान हुए हैं। इस मौके पर पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी और नरेश बंसल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

भाजपा का घोषणा पत्र जारी करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।

78 हजार सुझाव लिए गए
भाजपा ने दृष्टि पत्र बनाने के लिए डा. रमेश पोखरियाल निशंक के अगुवाई में एक कमेटी बनाई थी। डा. निशंक ने बताया कि दृष्टि पत्र में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों के सुझावों का शामिल किया गया है। लगभग 78 हजार लोगों से ये सुझाव लिए गए। डा. निशंक के अनुसार सभी वर्गों के मुद्दे को दृष्टि पत्र में शामिल किया गया है। भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा बीजेपी का घोषणा पत्र जनता का घोषणापत्र है। कहा कि 70 विधानसभा क्षेत्रों में सुझाव पेटी रखी गई थीं, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं के सुझाव आए।