न्यूयॉर्क शहर में पिछले साल हमले के शिकार चीनी प्रवासी की मौत

न्यूयॉर्क शहर में पिछले साल हमले के शिकार चीनी प्रवासी की मौत

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। अमेरिका के ईस्ट हार्लेम में पिछले साल अप्रैल में डिब्बे इकट्ठा करने के दौरान हमले का शिकार हुए एक चीनी प्रवासी की मौत हो गई है और अब इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। न्यूयॉर्क सिटी पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि याओ पान मा (61) की 31 …

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। अमेरिका के ईस्ट हार्लेम में पिछले साल अप्रैल में डिब्बे इकट्ठा करने के दौरान हमले का शिकार हुए एक चीनी प्रवासी की मौत हो गई है और अब इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। न्यूयॉर्क सिटी पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि याओ पान मा (61) की 31 दिसंबर को मौत हो गई। न्यूयॉर्क और देश भर में एशियाई विरोधी घृणा अपराधों में वृद्धि के मद्देनजर इस हमले ने देश का ध्यान आकर्षित किया।

न्यूयॉर्क शहर के जारोड पॉवेल (49) पर पहले इस मामले में हत्या के प्रयास, गुंडागर्दी और घृणा अपराध के आरोप लगे थे, जिसकी जांच जारी है। परिवार के एक प्रतिनिधि ने कहा कि पॉवेल के खिलाफ आरोप अब बढ़ाए जाने चाहिए। न्यूयॉर्क सिटी में समुदाय के कार्यकर्ता और मा के परिवार के प्रवक्ता कार्लिन चान ने कहा, ”हम जिला अटॉर्नी कार्यालय से अब हत्या के आरोपों को बढ़ाने के लिए संपर्क कर रहे हैं। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं। पॉवेल ने जो किया उसके लिए उसे दंड भुगतने की आवश्यकता है।”

अभियोजकों का कहना है कि पॉवेल ने मा पर पीछे से हमला किया, उसे जमीन पर पटक दिया और बार-बार उसके सिर पर लात मारी। पुलिस की ओर से जारी सर्विलांस वीडियो में एक हमलावर मा के सिर पर मारते नजर आ रहा है। चान ने कहा कि हमले के बाद मा को कभी होश नहीं आया और समय के साथ उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

चीन ने कहा कि इस घटना से मा की पत्नी बुरी तरह से टूट गई है। मा चीन से यहां अक्टूबर 2018 में आए थे और वह शेफ थे। अमेरिका आने के बाद मा को एक चीनी रेस्त्रां में काम मिल गया था। लेकिन महामारी के कारण लॉकडाउन लग जाने से उनकी नौकरी चली गई और अमेरिका में निर्धारित समय से कम अवधि तक काम कर पाने के कारण उन्हें बेरोजगारी भत्ता भी नहीं मिल पाया।

जिसके बाद गुजारा करने के लिए मा और उनकी पत्नी बोतल इकट्ठा करने का काम करते थे। चान ने बताया कि उनके पास बचत के नाम पर पैसे नहीं थे। उन्होंने बताया कि दंपति के दो बच्चे हैं जो अब भी चीन में हैं। चान ने बताया कि महामारी से पहले दंपति का चाइनाटाउन स्थित घर दिसंबर 2019 में आग में नष्ट हो गया था जिसके बाद वे अपने रिश्तेदार के पास अमेरिका आ गए थे।